झाबुआ। जिला सहाकारी बैंक झाबुआ/अलीराजपुर पिली कोठी के द्वारा जिला उपभोक्ता फोरम झाबुआ के समक्ष आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित, बोरखड़, खट्टाली, क_ीवाड़ा, चांदपुर, बखतगढ़, आम्बुआ, छकतला, फूलमाल, उमराली, वालपुर, जोबट, नानपुर, अलीराजपुर, बोरी, झिरण, भाभरा, सेजावानी, कानाकाकड़, कनवाड़ा, सोरवा, बरझर, सेजावड़ा, बोरझड़, के करीब 473 हितग्राहियों की ओर से समुह बीमा धनराशि का भुगतान किये जाने में सेवा में कमी किए जाने बाबत अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से एलआईसी के विरुद्ध करीबन 1 करोड़ 88 लाख रुपये की राशि मय क्षतिपूर्ति के दिलवाये जाने हेतु कुल 16 प्रकरण प्रस्तुत किये गये थे। उपभोक्ता फोरम द्वारा महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए बैंक द्वारा प्रस्तुत सभी 16 प्रकरणों को इस आधार पर निरस्त कर दिया गया बैंक की ओर से भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा किसी भी प्रकरण में सेवा में कमी किया जाना उचित रुप से साबित नहीं किया जा सका है। भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से फोरम के समक्ष अपना पक्ष रखा गया था जिसमें बताया गया था कि, बैंक अपनी ओर से फोरम के समक्ष किसी भी प्रकरण को निगम के विरुद्ध साबित करने में विफल रहा है, किसी भी प्रकरण को उचित रुप प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने प्रतिनिधि के माध्यम से प्रस्तुत नहीं किया गया है, साथ ही बैंक यह भी साबित नहीं कर पाया है कि, किस किस हितग्राही के संबंध में भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा किस प्रकार से सेवा में कमी कारीत की गई है। निगम की ओर से प्रस्तुत तर्को से सहमत होते हुए जिला उपभोक्ता फोरम झाबुआ द्वारा यह माना गया कि, बैंक द्वारा प्रस्तुत सभी 16 प्रकरण अत्यन्त भ्रामक, अस्पष्ट तथा बिना किसी आधार के निगम के विरुद्ध प्रस्तुत किए गए होने से प्रचलन योग्य नहीं होने से निरस्त किये जाने योग्य है। सभी प्रकरणों में भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से योगेश जोशी एडवोकेट द्वारा पैरवी की गई। Post navigation झाबुआ जिले का एक गांव होगा wi-fi फ्री पांच कारोबारीयो के ठिकाने पर आयकर छापे