मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ कौमी एकता के प्रतीक कहे जाने वाले तथा हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल रहे , समीप ग्राम बोरझाड में हथिनी नदी के समीप स्थित गौरी शाह बाबा की मजार पर सैकड़ों की संख्या में जहां मुस्लिम सजदा करते हैं, वहीं हिंदू लोग भारी संख्या में दर्शन करने आते रहते हैं, कल 30 मार्च को दोपहर 2 बजे बाद मस्जिद से एक विशाल जुलूस संदल लेकर निकलेगा जिसमें जावरा से तशरीफ़ ला रहे जाने माने कव्वाल मुजम्मिल एंड पार्टी कलाम पेश करेंगे,यह जुलूस कस्बा आम्बुआ बाजार से घूमता हुआ समीप ग्राम बोरझाड स्थिति गौरी शाह बाबा की मजार पर पहुंच कर बाबा को संदल पेश किया जाएगा, बाबा को इत्र लोभान के साथ ही गुलाब की चादर भी पेश की जाएगी। उर्स कमेटी के सदर वसीम मकरानी तथा मुस्लिम पंच कमेटी के सदर शकील अहमद कुरैशी ने सभी समाज जनों से गुजारिश की है कि अधिक से अधिक संख्या में तशरीफ़ ला कर कार्यक्रम को सफल बनाएं। Post navigation पहले प्रधानमंत्री की मन की बात और फिर दाऊदी बोहरा जन की बात कैबिनेट मंत्री एवं सांसद ने सुनी दाऊदी बोहरा जमात के धर्म गुरु के आम्बुआ आगमन के मद्देनजर युद्ध स्तर पर चल रही तैयारियां