मजदुरों को आवश्यक सुविधा, स्वास्थ्य परीक्षण, खाने पीने की व्यवस्था सहित गंतव्य तक पहुंचाने की मदद की मांग की फिरोज खान, अलीराजपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हर साल बडी संख्या में आदीवासी ग्रामीण और किसान मजदूरी सहित खेती का काम करने के लिए गुजरात राज्य के विभिन्न इलाकों में जाते है। वर्तमान में विश्व स्तर पर कोरोना वायरस के प्रकोश के चलते देशभर में 21 दिन का लाक डाऊन किया गया है। जिसके चलते आलीराजपुर जिले के मजदूरी व किसान गुजरात के विभिन्न इलाकों में फंस गए है और विभिन्न समस्याओं का सामना कर पैदल ही अपने घर तक पहुंचने के लिए निकले हुए है। ऐसे में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ये बात विधायक मुकेश पटेल ने गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का लिखे पत्र में कही। विधायक पटेल ने पत्र में बताया कि गुजरात में फंसे जिले के कुछ लोगों ने फोन पर बताया कि हम लोग जहां पर मजदूरी करते थे वहां पर मालिक ने हमें हमारे गांव जाने के लिए कह दिया है और हम लोग पैदल पैदल जंगलों में घुम रहे है। हमें कोई भी स्थान रहने के लिए नहीं दिया जा रहा है। हमारी कोई मदद नहीं कर रहा है। जिस पर मैने उन्हे आश्वस्त किया कि आप लोग जहां काम कर रहे थे वहीं रहो आपकी सुविधा के लिए गुजरात सरकार से बात कर हरसंभव मदद उपलब्ध करवाई जाएगी। विधायक पटेल ने गुजरात के सीएम को मजदूरों की सूची मोबाइल नंबर सहित प्रेषित कर मांग की कि इन मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर उनके रहने, खाने पीने आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। यदि ये लोग मप्र में अपने गांव में आना चाहते है तो उन्हे नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके गांव तक भेजने की व्यवस्था करने में मानवता के नाते आवश्यक सहयोग करे। वहीं विधायक पटेल ने इस संबंध में आलीराजपुर कलेक्टर सुरभि गुप्ता और एसपी विपुल श्रीवास्तव से चर्चा कर गुजरात के विभिन्न इलाकों में फंसे आदिवासी ग्रामीणों की सूची देकर संकट की घडी में ग्रामीणों की मदद कर आवश्यक सहायाता उपलब्ध करवाने की बात कही। Post navigation कोरोना वायरस को लेकर गुरुवार को कस्बा रहा लॉकडाउन इस तरह गुजरात के शहरों से संघर्ष कर पैदल पहुंचे जिले के श्रमिक, मीडिया व आम नागरिकों के सहयोग से ग्रामीणों को पहुंचाया उनके घर