नानपुर। नगर में दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन श्रद्धा, भक्ति और भावुक माहौल के बीच हुआ। अंतिम दिवस नगर के सभी गणेश पंडालों में भगवान श्री गणेश को खीर, पूड़ी, भजिए सहित विभिन्न प्रसाद का भोग लगाया गया। इसके बाद विधि-विधान से आरती कर गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए विदाई दी गई।

गणेश विसर्जन के अवसर पर विभिन्न गणेश उत्सव समितियों द्वारा अपने-अपने पंडालों से प्रतिमाओं को सजाकर डीजे की धुन पर भक्तिभाव से जुलूस निकाला गया। जुलूस नगर के प्रमुख एवं व्यस्त मार्गों से होकर सेजगांव स्थित हथनी नदी पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजन-अर्चन कर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

वहीं नगरवासियों ने अपने घरों में विराजित गणेश प्रतिमाओं का भी श्रद्धापूर्वक पूजन कर चारपहिया वाहनों से फाटा डेम, मछलिया तथा खट्टाली के समीप भीति नदी सहित विभिन्न जलस्थलों पर पहुंचकर प्रतिमाओं का विसर्जन किया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं के बीच भावुक दृश्य भी देखने को मिले। बच्चे और बुजुर्ग बप्पा को विदाई देते समय भावुक हो गए। कई बच्चों की आंखों से आंसू छलक पड़े। कुछ बच्चे तो गणेश प्रतिमा को विसर्जित करने से अपने माता-पिता को रोकते हुए फूट-फूटकर रोते नजर आए। दस दिनों तक बप्पा के साथ रहे बच्चों के लिए विदाई का यह पल काफी भावुक रहा।

श्री विद्या पब्लिक स्कूल सहित अनेक विद्यालयों में भी हुआ विसर्जन

नानपुर के श्री विद्या पब्लिक स्कूल सहित नगर के अनेक निजी विद्यालयों में भी दस दिवसीय गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। विद्यालयों में भगवान श्री गणेश की स्थापना कर दस दिनों तक विद्यार्थियों एवं स्टॉफ द्वारा नियमित पूजा-अर्चना की गई। विसर्जन के अंतिम दिन विद्यार्थियों एवं स्टॉफ ने दंड-बैठक लगाकर बप्पा की सेवा-पूजा में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना की। इसके बाद गणेश प्रतिमा को भीति नदी ले जाकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया और नम आंखों से विदाई दी गई। विसर्जन के समय विद्यालय के विद्यार्थियों, स्टॉफ एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का माहौल काफी भावुक हो गया।

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