झाबुआ लाइव के लिए झकनावदा से जितेंद्र राठौड़ की रिपोर्ट- आदिवासी अंचल के पिछड़ेपन को लेकर सांसद प्रतिनिधि प्रदीपसिंह तारखेड़ी ने एक पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा। जिसमें झाबुआ जिले के आदिवासी अंचल में आज भी कई रोड ऐसे पड़े है जहां लोगों को आज भी आने जाने में दिक्कतों क सामना करना पड़ता है जहा पर आज तक शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं गया है। दो साल में एक भी रोड स्वीकृत नहीं- संासद प्रतिनिधि प्रदीपसिंह तारखेड़ी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि सरकार हमारे आदिवासी अंचल की उपेक्षा कर रही है, संप्रग के दस सालों में तत्कालीन केेंद्रीय मंत्री व सांसद कान्तिलाल भूरिया ने क्षेत्र में सडक़ों का जाल बिछाया था और संप्रग की सरकार में लगातार आदिवासी अंचल में प्रधानमंत्री सडक़ योजना के माध्यम से हमारे आदिवासी अंचल में सडक़ों का निमार्ण हुआ परन्तु पिछले दो सालों में एक भी सडक हमारे आदिवासी अचंल में दो सालो में एक भी सडक का निर्माण क्यों नहीं हुआ? पत्र के माध्यम से तारखेड़ी ने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासी अंचल के बड़े-बड़े वादे मचों से करती है परन्तु जमीनी हकीकत यह है कि पिछले दो सालों में विकास कार्य ठप पड़े हैं जिससे आदिवासी पलायन हेतु मजबूर हैं। इन सडक़ों के लिेए लिखा पत्र- – झकनावदा-तारखेड़ी पहुंच मार्ग – झकनावदा नाडातोड पहुंच र्माग – झकनावदा झोसरपाड़ा पहुंच मार्ग – बिजोरी तारखेडी पहुंच मार्ग – बाकिया से बीडपाड़ा फाटे पहुंच मार्ग – जुनापानी चन्द्रगढ़ पहुंच मार्ग – बिजोरी तारखेड़ी पहुंच मार्ग – जूनापानी से बोलासा पहुंच मार्ग – कुम्भाखेड़ी पहुंच मार्ग Post navigation शैलेष दुबे को भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किए जाने पर जिले के भाजपाइयों में मनाई खुशियां झकनावदा बनी तपोमय नगरी