आलीराजपुर। आदिवासी बाहुल्य अलीराजपुर जिले में ग्रामीणों की पेयजल एवं सिंचाई संबंधी जरूरतों को देखते हुए कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखी गई महत्वपूर्ण मांग अब पूरी हो गई है। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत किए जाने वाले कपिलधारा कुओं की संख्या 5 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब संबंधित विभाग द्वारा इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है।

दरअसल, 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती “जनजाति गौरव दिवस” अवसर पर आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रवास हुआ था। इस दौरान आयोजित सभा में कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने जिले के ग्रामीणों की समस्या को मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए बताया था कि ग्राम पंचायत स्तर पर वर्तमान में कपिलधारा योजना के अंतर्गत कुओं की संख्या सीमित होने के कारण ग्रामीणों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। मंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था कि अलीराजपुर जिले में ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाली बसाहटें काफी विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई हैं। ग्रामों के साथ-साथ बड़ी संख्या में फलिये भी दूर-दूर बसे हुए हैं। ऐसे में वर्तमान में प्रतिवर्ष हेतु स्वीकृत केवल 5 कपिलधारा कुएं पर्याप्त नहीं हैं। कई फलियों और खेतों की दूरी अधिक होने के कारण ग्रामीणों को सिंचाई एवं पानी की उपलब्धता के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने ग्रामीणों के हित में कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी।

*मुख्यमंत्री ने मंच से ही की थी घोषणा*

कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्रामीणों की समस्या की गंभीरता को समझते हुए अपने उद्बोधन के दौरान ही कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ाकर 20 करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए अब आदेश जारी कर दिया गया है। इस प्रकार मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा अब धरातल पर लागू हो गई है।

*दूर-दराज बसे फलियों के ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ*

विधायक प्रतिनिधि एवं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गोविंदा गुप्ता ने बताया कि आलीराजपुर एक आदिवासी बाहुल्य एवं ग्रामीण बहुल जिला है, जहां बसाहटें ग्राम पंचायत से लेकर छोटे-छोटे गांवों और दूरस्थ फलियों तक फैली हुई हैं। कई स्थानों पर फलियों के बीच काफी दूरी होने के कारण ग्रामीणों को पानी और सिंचाई की सुविधा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कपिलधारा कुओं की संख्या 5 से बढ़ाकर 20 किए जाने से अब अधिक संख्या में किसानों एवं ग्रामीण परिवारों को सिंचाई के साधन उपलब्ध हो सकेंगे। इससे खेतों तक पानी की पहुंच बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

*खेती को मिलेगा बढ़ावा, ग्रामीणों की आय बढ़ाने में होगी मदद*

आलीराजपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश परिवारों की आजीविका कृषि एवं उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर है। सिंचाई के साधनों का विस्तार होने से किसान अपनी भूमि का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। पर्याप्त पानी उपलब्ध होने पर फसल उत्पादन बढ़ने के साथ ही किसानों को अतिरिक्त फसल लेने का अवसर भी मिल सकेगा। कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ने से सिंचाई सुविधा का विस्तार, कृषि उत्पादन में वृद्धि और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों को पानी की समस्या से राहत मिलने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों ने कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ाने के लिए कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखे जाने तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तत्काल घोषणा कर उसे अमल में लाए जाने पर आभार व्यक्त किया है।

वही कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान, सांसद अनिता चौहान, भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष मकू परवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष हजरी बाई खरत, युवा नेता विशाल रावत, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर सहित समस्त जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने किसान हितैषी एवं किसान कल्याण के लिये की गई घोषणा को मूर्त रूप देते हुए आदेश जारी करवाने पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन जी यादव को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।

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