हितेंद्र सिंह राठौड़, अंतरवेलिया

झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत अंतरवेलिया में लंबे समय से चल रही प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और सचिव की मनमानी के खिलाफ ‘झाबुआ लाइव’ ने प्रमुखता से मुद्दा उठाया था। ग्राम के लोगों ने भी शिकायत की थी। मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन अब पूरी तरह हरकत में आ गया है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जितेन्द्र सिंह चौहान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरवेलिया के पंचायत सचिव प्रदीप पचाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन आदेश के अनुसार, सचिव प्रदीप पचाहा पर कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने के कई गंभीर आरोप पाए गए हैं:

बिना सूचना अनुपस्थिति: सचिव जनवरी 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के ग्राम पंचायत से अनुपस्थित चल रहे थे।

सरकारी कार्यों में अरुचि: पंचायत में चल रहे विकास कार्यों के क्रियान्वयन में उनकी ओर से कोई रुचि नहीं ली जा रही थी।

पेंशन कार्यों में देरी: ग्रामीणों के पेंशन संबंधी आवेदनों को समय पर ऑनलाइन नहीं किया गया, जिससे हितग्राही परेशान थे।

संवादहीनता: सचिव द्वारा ग्रामीणों को न तो योजनाओं की जानकारी दी जा रही थी और न ही फोन पर संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब दिया जा रहा था।

नोटिस का जवाब न देना पड़ा भारी

इससे पूर्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत झाबुआ की जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव को 17 अप्रैल 2026 को “कारण बताओ नोटिस” जारी किया गया था। नोटिस मिलने के बावजूद प्रदीप पचाहा ने निर्धारित समय सीमा में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया, जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए यह निलंबन की कार्रवाई की गई है।

मुख्यालय में अटैच, आरोप पत्र होंगे तैयार

निलंबन की अवधि में प्रदीप पचाहा का मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय झाबुआ नियत किया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। जिला पंचायत सीईओ ने जनपद सीईओ को निर्देशित किया है कि सात दिनों के भीतर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विस्तृत आरोप पत्र तैयार कर भेजे जाएं और अंतरवेलिया पंचायत में सचिव के अतिरिक्त प्रभार हेतु तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें।

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