झाबुआ । बुराई पर अच्छाई के पर्व दशहरे के उपलक्ष्य मे शनिवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का विशाल अनुशासित पथ संचलन निकाला गया। संचलन मे सैकड़ो की संख्या में स्वयं सेवकों ने सहभागिता की। घोष की धुन पर सैकड़ो की संख्या मे स्वयंसेवको के एक साथ उठ रहे कदम अनुशासन एवं कदम ताल का अनोखा नजारा पेश कर रहे थे। संचलन के पूर्व बौद्धिक का आयोजन हुआ।

मातृभूमि का इतिहास वैभवशाली
स्थानीय उत्कृष्ट उमावि मैदान पर कार्यक्रम का प्रारंभ मातृभूमि का कण कण हमको आज निमंत्रण देता- राष्ट्रगीत के साथ हुआ। इसके प्ष्चात डा. हेडगेवार के अमृत वचन के बाद संघ गीत हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विभाग कार्यवाह भूपेन्द्र कसेरा एवं तहसील संघ चालक शांतिलाल सूर्यवंशी उपस्थित थे। अपने बोद्धिक उदबोधन मे कसेरा ने 1925 में पूज्य हेडगेवारजी द्वारा संघ की स्थापना के इतिहास की जानकारी देते हुए कहा कि देश का अतीत वैभवशाली रहा है जो हम सबको परम वैभव पर पहंुचाता है। हिन्दू समाज को संगठित करने में संघ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संघ का कार्य मानव जीवन के अंत तक तथा जब देश एवं सृष्टि रहेगी चलता ही रहेगा। उन्होने धर्मनिरपेक्षता का उल्लेख करते हुए कहा कि जो धम्र से दूर रहे वह निरपेक्ष है। रावण कंस एवं दुर्योधन आदि इसके उदाहरण है। उन्होने कहा कि यदि राजनीति से धर्म चलता है तो महाभारत होता है और धर्म से राजनीति चलती है तो गीता का उद्भव होता है। धर्म को यदि जीवन से हटा दिया जाए तो कुछ नही बचता है। उन्होने देश की 900 साल की गुलामी का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी भारत की बात आती है तो हिन्दुत्व के अलावा कुछ बात सामने नहीं आती है। स्वामी विवेकानंद ने भी आजादी केा चिरस्थाई बनाने के लिये धर्म के सिद्धांत की बात कही थी। हिन्दू समाज के स्वाभिमान को जागृत करने के लिये ही संघ की स्थापना हुई है। उन्होने कश्मीर के राजा हरिसिंह को राज्य को देशा में विलीनीकरणर कराने में संघ की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि परम पूज्य गुरूजी ने ही राजा हरिसिंह को विलीनीकरण के लिए मनाया था।
संघ की सराहना
कसेरा ने आगे कहा कि पेटलावद विस्फोट त्रासदी मे सबसे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ही लोगों ने पहुंच कर निर्लिप्त भाव से तथा जाति भेद को दूर रख कर सेवाएं दी, जिसकी सराहना हुई है। उन्होने का कि निस्वार्थ भाव से कार्य करना ही संघ का मूल सिद्धांत है। संघ को कोई समस्या खड़ी नही करता बल्कि समस्याओं का निदान करता है।उन्होने साहित्यकारों द्वारा पुरस्कार लौटाए जाने की घटना का भी जिक्र किया। कसेरा ने कहा कि संघ समाज को जागृत करने तथा उपर वैभव पर पहुंचाने के साथ ही धर्मान्तरण, समाज विरोधी, गतिविधियो के उन्मूलन के साथ ही धमान्तरण की घटनाओ मे समाज को दिशा देने का काम कर रहा है। उन्होने स्वयं सेवकों से आव्हान किया कि समाज में समरसता का संदेश जाना चाहिए। समाज मे समरसता बढे और समृद्ध समाज का निर्माण हो इसके लिये निस्वार्थ भावना से भूमिका निभाना होगी। उत्कृष्ट मेदान से शुरू हुए पथ संचलन का पूरे नगर में करीब 60 से अधिक स्थानों पर स्टाल लगा कर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
मुस्लिम पंचायत ने की पुष्पवर्षा-
9फव्वारा चोक पर हनुमान टैकरी सेवा समिति द्वारा चिंतामन गणेश मंदिर पर सकल व्यापारी संघ, थांदला गेट पर पेंशनर एसोसिएशन द्वारा पुष्पवर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया गया । लक्ष्मीबाइ मार्ग होकर राजवाड़ा पहुंचे पथ संचल का राजवाडा मित्र मंडल एवं मुस्लिम पंचायत एवं उर्स कमेटी के जाकिर हुसैन, जेनुद्दीन शेख तथा समाज के लोगो ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पथ संचलन राजवाडा से कालेज मार्ग,भोज मार्ग, चारभुजा मंदिर चोराहा होता हुआ आजाद चोक, बाबेल चोराहा, थांदला गेट,बस स्टेंड होता हुआ उत्कृश्ठ स्कूल मेदान पर समापन हुआ । इस पंच संचलन में सबसे पहले दण्ड वाहिनी चल रही थी, उसके पीछे घोश और ध्वज वाहिनी और फिर घोष संचलन में चल रहे थे । पथ संचलन में छोटे बच्चों ने भी भाग लेकर अपनी राष्ट्रीय भावना का परिचय दिया ।

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