झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
नशे के जाल में फंसा पूरा परिवार, नशे के कारण रोज होते थे परिवार में विवाद, विवाद मारपीट तक पहुंचे और पुत्र ने ही अपनी मां की हत्या कर दी। नशे की हालत में २३ वर्षीय पुत्र ने अपनी ५० वर्षीय मां की हत्या कर दी। पिता पुत्र और मां तीनों एक साथ बैठकर शराब पीते थे तथा आपस में रङ्क्षज विवाद होता था। पति और पत्नी पूर्व में भी हत्या के आरोपी रह चुके है।
क्या है मामला-
18 जनवरी की सुबह उमेदपुरा तालाब से पुलिस को एक बोरे में बंद लाश मिली थी। पुलिस जांच में जुटी, आसपास तलाश किया तो बताया गया कि ग्राम बरवेट से मन्नु बाई पति रामा गुर्जर उम्र 50 वर्ष पांच छह दिनों से गायब है. उसके पुत्र को बुलाया जाए. तभी भीड़ में से किसी ने कहा कि उसका पुत्र यहीं खड़ा है। उसके पुत्र पप्पू पिता रामा गुर्जर उम्र 23 वर्ष ने दूर से ही बोरे में बंद अपनी मां को पहचान लिया और बताया कि 6 दिन पूर्व से मेरी मां गायब थी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस जांच में कई ऐसे सबूत मिले जिससे मृतका के पुत्र पप्पू पर ही शक गया क्योंकि उसने 6 फीट दूर से ही बोरे में बंद अपनी मां को कैसे पहचाना। इसके साथ ही ग्रामीणों ने इनके बीच होने वाले झगड़ों के बारे में बताया जिससे पुलिस को पूरा शक लडक़े पर हुआ, उससे पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल लिया।
क्या बताया आरोपी ने-
टीआई लोकेंद्र सिंह ठाकुर के अनुसार पप्पू ने बताया कि 12 जनवरी की रात्रि को मंै मेरे पिता रामा अम्बाराम गुर्जर और मेरी मां मुन्नी बाई गुर्जर साथ में बैठकर शराब पी रहे थे, तभी विवाद हुआ। विवाद के बीच मेरे पिता उठ कर बाहर चले गए ओर विवाद में मैने मेरे मां पर लड्ढ से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में चोट लग गई। मैंने सोचा बेहोश हो गई होगी किंतु वह मर चुकी थी। बाद में मेरे पिता आए तो उन्हें बताया उन्होंने इस बारे में चुप रहने को कहा और बोले हम दोनों फंस जाएंगे। पूरी रात लाश को घर में ही रखा। दूसरे दिन सुबह टेम्पो पर चल गया। शाम को अपने मालिक का टेम्पो घर ले आया और सारंगी से एक बोरा भी लिया जिसमें मां की लाश को भरकर 13 जनवरी की रात्रि में हम दोनों पिता पुत्र उमेदपुरा के समीप तालाब में डाल आए। इस पूरे मामलों को खुलासा करने में एसपी महेशचंद्र जैन, एसडीओपी आरआर अवास्या के निर्देश पर थाना प्रभारी लङ्क्षकेंद्र सिंह ठाकुर ,सारंगी चौकी प्रभारी श्रद्वा सिंह परिहार, एसआई भीम सिंह सिसउदिया, हरिसिंह चुंडावत का सराहनीय सहयोग रहा।

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