मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ 

केंद्र सरकार की एक जनहितेशी योजना जिसके तहत गरीबों को मुफ्त 5 लाख तक का इलाज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किया जाना है संबंधित जबाबदारों की उदासीनता के कारण उसका लाभ कैसे मिलेगा जबकि कार्ड हितग्राही को न दे कर जहां तहां फैंके जा रहे या वितरण करने वालों के घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं।

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सबको स्वास्थ्य विशेष कर गरीबों को दिया जाने हेतु आयुष्मान योजना प्रारंभ की थी जिसके लिए कार्ड बनाए गए हैं। इन कार्डों को स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा पंचायतों के माध्यम से वितरण किया जाना था,साथ ही हितग्राही चाहे तो स्वयं भी सेवा केन्द्रों तथा शासकीय कार्यालयों में जहां बनाए जा सकते हैं वहां जाकर बनवा सकते हैं,लेकिन जिन हितग्राहियों के कार्ड शासन प्रशासन स्तर पर बन चुकें हैं उन्हें संबंधित हितग्राहियों तक पहुंचाना था,यह कार्ड आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं कुछ स्थानों पर पंचायतों को दे दिए गए हैं।

कार्ड वितरण में परेशानी

आयुष्मान कार्ड वितरण में परेशानी हो रही है उसका मुख्य कारण यह है कि कार्ड पर हितग्राही का नाम, उम्र तथा लिंग स्त्री/पुरुष॥ का उल्लेख है लेकिन उस पर पिता/पति, जाति तथा निवास एवं फलिया मोहल्ला, वार्ड, पंचायत क्षेत्र आदि का उल्लेख नहीं होने से वितरण कैसे किया जाए ? यह प्रश्नन खड़ा है , और शायद यही कारण है कि कार्ड संबन्धित हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहे हैं तथा इन्हें जहां तहां फैंका जा रहा है हमारे संवाददाता को ऐसे ही कार्ड पुराने थाने के भवन के टूटने से बने मैदान में पड़े दिखाई दिए, जिन्हें उन्होंने अपने मोबाईल के कैमरे में कैद किया जा कर समाचार पत्र तक समाचार पत्र के माध्यम से शासन प्रशासन स्तर तक भेजा जा रहा है, ताकि संबंधित हितग्राहियों को जिन्हें कार्ड नहीं मिले हैं उनका पता लगाया जा कर वितरण कराया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *