जितेंद्र वाणी, नानपुर आलीराजपुर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत नानपुर में विगत 1 माह से अधिक समय से साफ सफाई के लिए चलाया जाने वाला वाहन बंद होने से गांव में हर चौराहा, हर गली में कचरे का ढेर लगा हुआ है। जिससे गंदगी व मच्छरों का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। बताया जा रहा है नानपुर ग्राम पंचायत नियमों को ताक में रख रही है। विभिन्न करों की गांव से जो वसूली होती है उसे पंचायत सचिव व अन्य कर्मचारी की बंदरबांट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। आपको बता दें कि जो वसूली की राशि या आवक जावक होती है वहां ऑनलाइन कर ग्राम पंचायत के खाते में डालना चाहिए। लेकिन वह राशि पंचायत के कर्मचारी ही रफा-दफा कर देते हैं। कई निर्माण कार्य की फर्जी तरीके से रसीद भी बनाने का मामला संज्ञान में आया है जबकि ग्राम पंचायत की जो रसीद रहती है वह सरपंच व सचिव क्या हस्ताक्षर होना चाहिए। लेकिन लाखों रुपए के हेराफेरी होना वह ग्रामीणों को परेशान करना ग्राम पंचायत सचिव की मनमानी से आम जनता के साथ सरपंच से परेशान नजर आ रहे हैं। जबकि परिषद के सदस्य भी सचिव से परेशान है सरकार की योजनाओं की जियोटेग करने में लेट लतीफ कर रहे हैँ। सरपंच नानपुर सकरी समरथ सिह मोर्य से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया यह सच है कि सचिव की मनमानी से ग्राम पंचायत में विकास कार्य रुके हुए है। आमजनता परेशान हो रही है। सचिव ने कहा कचरा वाहन खराब मामले में जब ग्राम पंचायत सचिव कालू राठौड़ से बात की गई तो उन्होंने कहा कचरा वाहन खराब हो गया है इसलिए सुधरवाने डाला है। एक दो दिन में आ जायेगा। जल्द ही ग्रामीणों को राहत मिलेगी। Post navigation सरकार देश की चालक है, आदिवासी देश के मालिक है : मंडलोई खबर लगने के बाद हकरत में आए जिम्मेदार, कचरा लेने घर-घर पहुंचने लगा एक माह से खराब पड़ा कचरा वाहन