झाबुआ लाइव के लिए खवासा अर्पित चोपड़ा की रिपोर्ट- कहते है जब अति होती है तो उसका अंत जरूर होता है। इसी बात को आज खवासा के जागरूक युवा और सामाजिक संगठन चरितार्थ कर रहे हैं। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के बाद सैकड़ों की तादाद में लोग अपने नोट बदलवाने के लिए बैंकों के बाहर लाइन में लग रहे हैं। नोट एक्सचेंज के लिए पहचान पत्र की एक फोटोकॉपी और एक्सचेंज फॉर्म भरकर बैंक में देना अनिवार्य है। अब लोगों की अशिक्षा और अज्ञानता का फायदा फोटोकॉपी व्यवसाय संचालकों द्वारा परिचय पत्र की फोटोकॉपी और फॉर्म भरने के एवज में 10 से 30 रूपए प्रति फॉर्म तक लिए जा रहे हैं। नोट बदलाने के लिए मजबूर लोग भी मजबूरी में मुंह मांगी राशि देकर लाइन में खड़े हो रहे हैं। कुछ व्यवसायियों द्वारा की जा रही इस मनमानी का सकारात्मक विरोध करते हुए स्थानीय संकट मोचन मित्र मंडलए राजवाड़ा चौक मित्र मंडल एवं बजरंग दल ने इस शोषण का मुंहतोड़ जवाब दिया। इन सामाजिक संगठनों द्वारा बैंक के सामने राजवाड़ा चौक में एक फोटोकॉपी मशीन लगाकर जरूरतमंदों की फोटोकॉपी नि:शुल्क की जा रही है। साथ ही आवश्यक सभी फॉर्म भी नि:शुल्क भरे जा रहे है। लाइन में लगे लोगों को संगठनों के सदस्य पानी भी पिला रहे है। युवाओं और तीनों संगठनों द्वारा अन्याय की खिलाफ किए जा रहे इस नेक कार्य को सभी तरफ सराहना मिल रही है। Post navigation दूसरों का काला धन अपने खातों में जमा करवाना भविष्य में हो सकता है खतरनाक : सीए सोहित कोटडिया रोजगार के अवसर नहीं, नोट के फेरों में पीसा आम आदमी : जिला कांग्रेस