1 मामला पिटोल में खेल मैदान का …..
झाबुआ लाइव के लिए पिटोल से भूपेंद्र नायक की रिपोर्ट-
पिटोल- पिटोल में लंबे समय से चली आ रही खेल मैदान की मांग के बाद लगभग दो वर्ष पूर्व झाबुआ विधायक ने पिटोल में खेल मैदान मैदान के लिए भूमिपूजन कर गेती चलाई थी। गेती चलने के दो वर्ष बाद मैदान समतलीकरण हेतु प्रस्तावित जमीन पर सोमवार को जेसीबी चली। उक्त मैदान के लिये विधायक शान्तिलाल बिलवाल ने विधायक निधि से 2 लाख 50 हजार रुपए ग्राम पंचायत को दिए हैं। मैदान पर समतलीकरण हेतु काम शुरू होने पर खेल पे्रमियों को आशा की किरण दिखाई दी वहीं इस बात को लेकर निराशा भी है कि मैदान के लिये ढाई लाख रुपए से क्या होगा? जबकि इसमें लगभग 25 लाख रुपए से अधिक का खर्च आना है।
जनप्रतिनिधियों ने फोड़ा नारियल ..
सोमवार को काम चालू होने के पूर्व ग्रामीणों व खेल प्रमियों में उत्साह देखा गया कि आखिर देर से ही सही किन्तु काम तो शुरू हुआ। इस अवसर पर विधायक तो उपस्थित नहीं हुए किन्तु झाबुआ से उन्होने अपने प्रतिनिधि के रुप में मण्डल अध्यक्ष हरु भूरिया व पूर्व मंडल अध्यक्ष मेजिया कटारा को भेजा जिन्होने पूजन कर काम की शुरुआत की साथ में पिटोल सरपंच काना गुण्डिया भी थे। जनप्रतिनिधियों में जगदीश बडदवाल, महेन्द्रसिंह ठाकुर, उपसरपंच दिनेश मेवाड, मकना गुण्डिया, बलवंत मेडा, धुलु गणावा, राजेश अरोडा, विक्रमसिंग, प्रकाश जामुनिया, बाबू भाई सुमेरसिंग, रामेश्वर, सचिव सुनील नायक व ग्रामीण तथा पत्रकारउपस्थित थे।
किसी नेता ने रुचि नहीं ली थी खेल मैदान में …..
आजादी के बाद से अब तक पिटोल में खेल मैदान के लिए मांग होती रही इस दौरान जिले के कई नेता जो की प्रदेश सरकार के मंत्री रहे, विधायक सांसद रहे किन्तु उनके समक्ष विभिन्न मंचों से कई बार मुखर हुई ग्रामीणों की यह महात्वाकांक्षी मांग आकार नहीं ले सकी। गौरतलब है कि पिटोल में न तो विद्यालयों के पास एवं न ही ग्राम पंचायत के पास कोई खेल मैदान है बावजूद इसके यहां की खेल प्रतिभाओं ने खेत खलिहानों में अपना नित्य अभ्यास कर जिले एवं प्रदेश स्तर पर जिले का नाम गौरान्वित किया है। इधर ग्रामीणों ने विधायक से उम्मीद जताई है कि यदि उन्होंने इस काम को हाथ में लिया है वे इसे पूरा करे ओर ढाक के तीन पात वाली कहावत से बचे।
मुख्यमंत्री से भी मांग हुई थी ……
लोकसभा चुनाव के दौरान पिटोल में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्वयं मुख्यमंत्री जी को भी पिटोल में खेल मैदान की समस्या से अवगत कराया था जहां यह आश्वासन मिला था कि आचार संहिता के चलते अभी कोई घोषणा नहीं की जा सकती किन्तु चुनाव बाद इस समस्या को प्राथमिकता से दिखवाएंगे किन्तु प्रदेश के मुखिया के इस आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों को वो सौगात नहीं मिल सकी है जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
व्हाट्सअप गु्रप व्हाट की सक्रियता ने किया मजबूर….
दो साल से ठंडे बस्ते में पड़ी खेल मैदान की मांग को पूरा करने के लिए पिटोल के एक व्हाट्सअप ग्रुप ने विधायक से अपनी मांग को पूरा करवाने के लिए उन्हें मजबूर कर दिया। लगातार उन्हें जनता से किये अपने वादों की याद दिलाते रहने के साथ ही समय समय पर तंज कसते रहने की, गु्रप सदस्यों की कवायद नें विधायक को भी सक्रिय कर दिया।

पिटोल के खेल प्रेमियों की मांग के मद्देनजर अभी समतलीकरण हेतु ढाई लाख रुपए विधायक निधि से दिए हैं, जरूरत पडऩे पर राशि और दी जाएगी।                                                                               -शान्तिलाल बिलवाल, विधायक

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