मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ

कोरोना की तीसरी लहर का मानो आगाज हो रहा है। प्रदेश की व्यापारिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में प्रतिदिन कोरोना के मरीज मिल रहे हैं इसी के साथ ही अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अलीराजपुर जिले के आम्बुआ के समीप ग्राम बोरझाड़ में भी एक महिला शिक्षिका की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से ग्राम में हलचल बढ़ी है। विगत वर्ष इसी ग्राम के दो सगे भाई भी कोरोना के कारण समय दुनिया से चले गए थे। बावजूद ग्राम के निवासी अभी भी बीमारी को हल्के में ले रहे हैं तथा कोरोना गाइडलाइन का पालन करते नजर नहीं आ रहे हैं।

इसलिए वर्षों से संपूर्ण विश्व में तहलका मचाने वाला कोरोना अब पुनः सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। दूसरी लहर के बाद इसके मरीजों में बहुत अधिक कमी आने के कारण शासन द्वारा कई छूटे दी जाकर स्थिति सामान्य की गई थी हालांकि तीसरी लहर की भविष्यवाणी वैज्ञानिकों ने कर रखी थी जो कि अब दिखाई देने लगी है। शासन प्रशासन द्वारा इसकी रोकथाम हेतु कोरोना गाइडलाइन का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है मगर उसका पालन कहीं पर भी होता नजर नहीं आ रहा है बाजारों में बेतहाशा भीड़, बैंकों तथा कियोस्क सेंटर, निजी तथा सरकारी अस्पतालों में, बस स्टैंडों, यात्रियों से भरी-भरी बसों, शिक्षण संस्थाओं आदि में प्रतिदिन सैकड़ों की भीड़ देखी जा रही है मगर इनमें न तो मास्क लगाया जा रहा है न ही शारीरिक दूरी का पालन हो रहा है, आम्बुआ के समीप ग्राम बोरझाड़ में एक महिला शिक्षिका पॉजिटिव पाई गई इसके बावजूद आम्बुआ एवं बोरझाड़ में सब कुछ सामान्य बना हुआ है दुकानों पर ना तो व्यापारी और ना ही ग्राहक कोरोना गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं इधर प्रशासन की सख्ती भी कहीं दिखाई नहीं दे रही है जो कि जरूरी मानी जा रही है।

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