मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ प्रदेश भर के चिकित्सकों द्वारा अपनी विभिन मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल का व्यापक असर क्षेत्र में दिखाई दिया डॉक्टर नहीं आने से मरीज परेशान होते दिखे हालांकि आयुष विभाग ने कुछ कार्य जरूर संभाला मगर फिर भी मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। आम्बुआ में वैसे भी डॉक्टरों की कमी है उस पर हड़ताल ने मरीजों को परेशान कर दिया। कई मरीज निजी डॉक्टरों तथा झोला छाप की शरण में गए। मिली जानकारी के अनुशार प्रदेश स्तर पर डॉक्टरों की हड़ताल का असर अलीराजपुर जिले के आम्बुआ प्राथमिक स्वास्थ केंद्र पर भी पड़ा आज 03-05-23 को सुबह से शाम तक मरीज परेशान होते रहे। आयुष विभाग की चिकित्सक तथा अन्य स्टाफ एन.ए.एम.तथा एल.एच.बी. आदि अपनी सेवाएं देते हुवे मरीजों का इलाज कर रहे है।कई मरीज निजी चिकित्सकों तथा झोला छाप कहे जाने वाले चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर हुए।यदि चिकित्सकों की हड़ताल अधिक दिनों तक रही तो मरीजों को दाहोद आदि स्थानो पर इलाज कराने जाना पड़ सकता है। जिससे उन्हें मानसिक शारीरिक तथा आर्थिक हानि उठाना पड़ सकती है शासन को अविलंब कोई रास्ता निकालना चाहिए। Post navigation लगभग 9 साल बाद पुनः निर्मित हो रही दुकानों का कार्य पूर्णता की ओर बी.एम.ओ कार्यालय आम्बुआ स्वास्थ केंद्र पर पुनः संचालित नहीं होने से रोष