सलमान शैख @ झाबुआ Live
गांवों के विकास एवं ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए शासन द्वारा कई योजनाएं चलाकर निर्माण कार्य कराए जाते है। लेकिन पंचायतों में स्थिति यह है कि कई कार्य स्वीकृत होने के बावजूद शुरू ही नहीं हुए है तो कोई सालों से अधूरे पड़े है।
पेटलावद विकासखंड की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में किस तरह से लापरवाही, लेटलाटिफी ओर गड़बड़झाले हो रहे है, इसकी बानगी आपको ग्राम पंचायत मोहनपुरा के ग्राम भेरूपाड़ा में देखने को मिल जाएगी। जहां पर कई कार्य ऐसे है जिनका निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ और वहीं कुछ कार्य शुरू तो हुए है लेकिन वे पूरे नहीं हुए है। दरअसल, यहां ग्राम पंचायत द्वारा कपिल धारा कूप निर्माण योजन में कुंए के निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण सहित कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े है। यही वजह है कि अब ग्रामीणों ने मोर्चा खोलकर इसकी शिकायत एसडीएम आईएएस अनिल राठौर और जनपद सीईओ राजेंद्र दीक्षित को की है।
आवेदन में ग्रामीणों ने बताया गांव के सरपंच व सचिव द्वारा वर्ष 2017 में शासन की योजनान्तर्गत कपिलधारा योजनान्तर्गत कुए निर्माण कार्य में राशि रूपये 4 लाख 50 हजार रूपये तथा आंगनवाडी निर्माण हेतु राशि रूपये 8 लाख रूपये स्वीकृत हुए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस राशि सरपंच व सचिव द्वारा खाते से निकाल ली गई लेकिन आज दिनांक तक उनके गांव में कोई निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया हैं। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। अधुरे पडे निर्माण कार्य में अवैध गतिविधिया होने का भी खतरा पैदा हो रहा हैं। अधुरे पडे निर्माण के आस-पास गांव के बच्चे भी खेलते हैं। बीते कुछ समय पहले अधुरे पडे आंगनवाडी भवन के पास गांव की एक बच्ची खेल रही थी तभी निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन की दिवार उस पर गिर जाने से उसकी मृत्यु हो गई थी। भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं और भी हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने बताया पंचायत के सरपंच व सचिव द्वारा सभी गांव वालो के साथ की गई इस प्रकार की धोखाधडी से उन्हें काफी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा हैं तथा वर्तमान में दोनो कार्य अधुरे ही पड़े हैं। जिस पर कोई ध्यान ही नही दे रहा हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि उक्त निर्माण कार्यों की योग्य जाँच की जाए और दोषी सरपंच व सचिव के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए उक्त निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
यह तो एक पंचायत है जहां पर निर्माण कार्यो के यह हाल है। ऐसी 76 पंचायत ओर है पेटलावद जनपद की। दूर दराज व आदिवासी अंचलो की पंचायतो मे निर्माण की क्या गति होगी अंदाजा लगाया जा सकता है। यह केवल विभागीय अधिकारियो की उदासीनताओ ओर लापरवाही के चलते अटके हुए है, जबकि इन्हे प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने हमें गांव में नाली निर्माण जो अधूरा है उसके फोटो और जो राशि सरपंच सचिव द्वारा आहरित की गई है उसके स्क्रीनशॉट पहुंचाए है। प्रशासन के अधिकारियों को इस मामले में त्वरित जांच करना चाहिए और अगर वास्तविकता में ऐसा हुआ है तो फिर बिना देर किए दोषियों पर कार्यवाही की जाए।

सरपंच का कहना है:

– आंगनवाड़ी भवन की पहली किश्त 3 लाख 20 हजार आई थी वह राशि निकालकर जितना काम हुआ वो कर दिया। अगली किश्त आने के बाद काम शुरू होगा। वहीं नाली निर्माण और अन्य कार्य जो अधूरे है उन्हे भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
– जानकी बाई पति नाथू भूरिया, सरपंच, ग्राम पंचायत मोहनपुरा।

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