मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क्षेत्र में मौसम दिन प्रतिदिन करवट बदलता रह रहा है कभी आसमान पर बादल कभी आंधी तूफान तो कभी भी बारिश हो जाती है और 4 जून को भी अचानक बारिश हुई तथा आकाशी बिजली कड़की और पेड़ के नीचे वर्षा से बचाव हेतु खड़ी गाय पर गिरी जिसमें उसकी मौत होने का समाचार है। यह समय तेज गर्मी का होकर सूरज अपनी तपस से मानो सब जला कर राख कर देगा मगर मौसम में आज 4 जून को सुबह अचानक परिवर्तन हुआ आसमान पर काले घने बादलों ने डेरा जमाया और देखते-देखते रिमझिम बारिश के साथ ही 8 बजे तेज वर्षा प्रारंभ हुई जोकि बादलों की तेज गर्जना तथा बिजली की कड़क के बीच झमाझम वर्षा ने क्षेत्र को तरबतर कर दिया यह वर्षा लगभग 1 घंटे से अधिक समय के बाद एक बार पुनः आकाशीय बिजली कड़की की वह आम्बुआ कृषक तथा सेवानिवृत्त सैनिक इन्दरसिंह रावत की जंगल में चरने गई गाय जो कि वर्षा से बचाव हेतु महुआ पेड़ के नीचे खड़ी थी पर लगभग 9 बजे जा गिरी इस कारण गाय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई बिजली गिरने के बाद अचानक वर्षा हम गई तथा आसमान साफ होकर धूप निकल गई अचानक हुई वर्षा से अस्थाई तौर पर गर्मी से राहत महसूस की गई। Post navigation कल होगा आदिवासी वीर शिरोमणि राणा पूंजा भील की मूर्ति का अनावरण हथनी नदी पूरी तरह सूख कर कंकर पत्थरों का मैदान बनी