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झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
कोई भी कृषि उपज बाजार में नहीं ली जाएगी, सभी किसानों का माल मंडी में लिया जाएगा। यदि कोई व्यापारी बाजार में माल लेते हुए पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपमंडियों भी प्रारंभ कर दी गई है यदि किसी बड़े कस्बे में मंडी नहीं है तो वहां हम उपमंडी खोलेंगे और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिया जाएगा। किसानों को 50 हजार रूपए तक का नकद भुगतान किया जा सकता है। यह बात मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं कहीं गई है। उक्त बात कलेक्टर आशीष सक्सेना ने सोमवार शाम को 5.30 बजे मंडी में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कही। कलेक्टर ने कहा कि हर बात यह बात होती है पहले कौन आए? किसान कहता है व्यापारी आए तो हम आएंगे। व्यापारी कहता है सुविधा होगी तो हम आए। इसलिए हमें शुरूआत करनी होगी थोड़ी समस्या हो तो भी हमें मंडी में माल लेने की शुरूआत करना होगी। कलेक्टर ने कहा कि कोई छोटा व्यापारी भी बाजार में माल नहीं खरीदेगा। किसान की उपज को मंडी तक पहुंचाने के लिए हम व्यवस्था करेंगे। आसपास के ग्रामीण क्षेत्र रायपुरिया और झकनावदा में भी हम उपमंडी चालू कर किसानों की उपज को खरीदने का कार्य करेंगे। कोई भी व्यापारी मंडी के बाहर किसी प्रकार की उपज नहीं खरीदे। हम चाहते है कि किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिले। तौल कांटे व अन्य जो भी समस्या है उनका हम निराकरण करेगें। इसके साथ ही व्यापारियों को भी सहयोग देना होगा।