थांदला गौरव तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी मसा के सान्निध्य में अंकित भंसाली ने 31 उपवास व आदिश चौरड़िया ने सिद्धि तप की कठोर तपस्या पूर्ण की

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थांदला। यहां आचार्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी, रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी आदि ठाणा – 8 एवं साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी आदि ठाणा – 4 के सानिध्य में तपस्याओें का क्रम निरंतर जारी है। श्रीसंघ का हर एक सदस्य अपनी शक्ति अनुसार तप आराधना में भाग लेकर अपने कर्म की निर्जरा करते हुए संघ को गौरवान्वित कर रहा है। यहां श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के सक्रिय सदस्य अंकित भरत भंसाली ने 31 उपवास मासक्षमण व बाल मंडल के सक्रिय सदस्य आदिश जितेंद्र चौरड़िया ने 44 दिवसीय सिद्धि तप की कठोर तपस्या पूर्ण की ।

तपस्वी अंकित भंसाली

जब किसी परिवार मे उग्र तपस्या हो तो उस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहता है और जब परिवार में मासक्षमण व सिद्धि तप हो तो खुशी दुगनी हो जाती है । भंसाली परिवार के तपस्वी अंकित भंसाली ने मासक्षमण व चौरड़िया परिवार के तपस्वी आदिश चौरड़िया ने सिद्धि तप जैसी कठोर तपस्या पूर्ण की। जो अनुमोदनीय होकर सभी के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है ।

तपस्वी आदिश चौरड़िया

संयमी आत्माओं ने की तपस्वी की अनुमोदना

आयोजित बहुमान समारोह में तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी व संदीपमुनिजी ने तप की महत्ता पर प्रकाश डालकर दोनों तपस्वी के तप की अनुमोदना करते हुए खूब खूब धन्यवाद व साधुवाद दिया। वहीं मुनि व साध्वी मंडल ने परिवारजनों को भी इस कठोर तप में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। सभा में श्री संघ के अध्यक्ष प्रदीप गादिया आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

तप की बोली तप से लगाकर तपस्वी का किया बहुमान

दोनों तपस्वी का तप की बोली तप से लगवाकर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से बहुमान कर अभिनंदन पत्र भेंटकर किया गया। तपस्वी का कई परिवारों व विभिन्न संस्थाओं द्वारा भी बहुमान किया गया। इस दौरान धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं ने मुक्त कंठ से तपस्वी के जयकारे लगाए। संचालन श्री संघ सचिव हितेश शाहजी ने किया। वर्षावास के दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उत्साह व जिज्ञासापूर्वक धर्म एवं तप आराधना में रमण कर रहे हैं। यहां पर 13 मासक्षमण व 2 सिद्धि तप सहित कई तपस्याएं पूर्ण हो चुकी हैं । वहीं कई तपस्वी मासक्षमण तप की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

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