सलमान शैख@ पेटलावद आजकल नाम के लिए लोग पता नही क्या-क्या करते है, लेकिन यश उसे ही मिलता है, जो निष्काम भाव से उदारपूर्वक दान और कामना रहित तपस्या करता है। निष्काम भाव से किए गए कार्य का लाभ अवश्य मिलता है। जी हां, कठोर तप और त्याग के प्रेरक आगम विशारद बुद्धपुत्र प्रवर्तक जिनेन्द्रमुनि मसा के सानिध्य में वर्धमान स्थानकवासी जैन समाज में तपस्याओ का दौर गतिमान है। इसी कड़ी में शुक्रवार को झंडा बाजार निवासी एलआईसी एजेंट इंदुबाला सोलंकी के 16 उपवास की तपस्या पूर्ण हुई।उनकी तपस्या की अनुमोदना श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल चाणोदिया, मणिलाल चाणोदिया, नाथूलाल चाणोदिया ओर बम परिवार ने की। वहीं मासक्षमण की ओर अग्रसर कई अन्य तपस्वियो ने भी प्रत्याख्यान लिए। Post navigation झाबुुआ Live अलर्ट: अब मैं 39 साल का हो चला हूं…!! धूमधाम से मनाया जाएगा विश्व आदिवासी दिवस, दिखेगी आदिवासी संस्कृति की झलक