दीपक जैन@ झाबुआ Live झाबुआ जिले के कल्याणपुरा में कल देर रात को एक अजीबो गरीब मामला सामने आया। यहां एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने पीड़िता के मेडिकल एवं स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एमएलसी फार्म भरकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कल्याणपुरा में रात करीब 10 बजे पीड़िता को भेजा, लेकिन वहां ड्यूटी पर मौजूद लेडी डॉक्टर गायत्री नेगी ने रेप पीड़िता का स्वास्थ्य एवं मेडिकल परीक्षण करने से न सिर्फ मौखिक रूप से इनकार कर दिया बल्कि एमएलसी फार्म के पीछे लिख दिया की इनका कुछ नही करना है। इसके पश्चात् अपने वैधानिक हस्ताक्षर कर मेडिकल करवाना के लिए आई महिला पुलिसकर्मियों को सौंप दिया। इसके बाद पूरा मामला टीआई अनिल बामनिया के संज्ञान में आया तो उन्होंने ड्यूटी डॉक्टर को मेडिकल न करने ओर एमएलसी पर लिखने की वजह पूछी। बाद में रात करीब 1 बजे डॉक्टर गायत्री नेगी ने अंततः मेडिकल एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टर गायत्री नेगी आखिर रेप पीड़ित का मेडिकल परीक्षण करने से क्यों मना किया। इस संबंध में हमारी डॉक्टर गायत्री नेगी या स्वास्थ्य विभाग से आधिकारिक तौर पर बात तो नहीं हो पाई, लेकिन सूत्रों के अनुसार रेप पीड़िता जब एमएलसी के लिए गई थी तब डॉक्टर के केबिन की खिड़की के बाहर बार बार थूक रही थी, जिससे गायत्री नेगी नाराज हो गई। वहीं इस संबंध में कल्याणपुरा टीआई अनिल बामनिया ने पहले एमएलसी न करने ओर एमएलसी पर लिखकर लोटाने की पुष्टि की ओर कहा कि हमारे द्वारा दोबारा अनुरोध करने पर रात में करीब 1 बजे डॉक्टर नेगी मेडिकल परीक्षण कर दिया। Post navigation रात मे जिला चिकित्सालय से चुरा रहे थे पलंग पुलिस को देख लिया तो भागे… झाबुआ Live की ख़बर का बड़ा असर; रेप पीड़िता के मेडिकल का मना करने वाली लेडी डॉक्टर के पास पहुंचा कारण बताओ नोटिस