दिनेश वर्मा, झाबुआ
भोपाल। मध्यप्रदेश के लिए 24 अगस्त का दिन बेहद खास रहा। देशभर के संस्थानों के विद्वानों ने प्रदेश के विकास पर अपने-अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि वे राज्य के विकास के लिए क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं। मौका था भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित “कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीटयूशनस फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव का। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने “समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” स्मारिका का विमोचन भी। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय कॉन्क्लेव की थीम “वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्तमान का अद्भुत समय चल रहा है। रामायण काल में जब भगवान श्री राम की सेना युद्ध के लिए तैयार थी, उस वक्त सबसे महत्वपूर्ण भूमिका जामवंत ने निभाई थी। उस वक्त चुनौती भी थी, अवसर भी था, लेकिन जामवंत को भगवान हनुमान को उनका सामर्थ्य याद दिलाना पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी आज वही भूमिका निभाई है, जो जामवंत ने निभाई थी। उन्होंने भारत को भारत की ताकत का अहसास कराया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भारत हर चुनौती का सामना करने का माद्दा रखता है। उनके 12 वर्ष के कार्यकाल में चमत्कार हुए हैं। जबकि, 12 वर्ष का कार्यकाल बहुत कम होता है। आज सेमीकंडक्टर की यूनिट मध्यप्रदेश में लग रही है। दो-तीन पहले तक हम जो सोच नहीं सकते थे, वह हो रहा है। समय कहां से कहां चला गया। आज सारे राज्यों के पास आगे बढ़ने के समान अवसर हैं। उन्होंने कहा कि आज सारे संस्थानों के विद्वान यहां इकट्ठा हुए हैं। निश्चित रूप से हम विकास की ओर और तेजी से अग्रसर होंगे।
