Category: आम्बुआ

ईद मिलादुन्नबी की खुशी में दाउदी बोहरा जमात ने जुलूस निकाला

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ स्थित दाऊदी बोहरा मस्जिद से आज जमात द्वारा जमात के स्काउट बैंड की धुन पर नारे लगाते हुए जुलूस निकाला गया जो कस्बे से होता हुआ…

दशहरे पर रावण दहन तथा पुलिस थाने में शस्त्र पूजा की गई

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ पुलिस थाने पर प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी शस्त्र पूजा कार्यक्रम संपन्न कराया गया। साथ ही पंचायत द्वारा तैयार कराया गया रावण के पुतले का…

नवरात्रि की पंचमी तिथि को मातृशक्ति ने निकाली विशाल चुनरी यात्रा

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ यह समय नौ दुर्गा की पूजा-अर्चना का चल रहा है घरों तथा मंदिरों एवं मूर्ति स्थापना पंडालों में विभिन्न प्रकार से माता रानी की पूजा आराधना की…

नवरात्रि की पंचमी तिथि को महिला मंडल द्वारा निकाली जाएगी चुनरी यात्रा

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ कस्बे में इस समय आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जा रही है जगत जननी मां अपने नौ स्वरूपों में भक्तों की मनोकामना…

थाना प्रांगण में शांति समिति की बैठक संपन्न

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ थाना प्रांगण में त्यौहारों के मद्देनजर शांति समिति के सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें आगामी सभी त्योहार आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ…

प्रेम का अर्थ मालिकाना हक नहीं होता है प्रेम स्वतंत्रता होनी चाहिए- पंडित शिव गुरु शर्मा

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ प्रेम विश्वास का प्रतीक है प्रेम में विश्वास होना बहुत जरूरी होता है तुम जिससे प्रेम करते हुए उस पर एकाधिकार मत जताओ राधा ने कृष्ण से…

जिस भगवान ने हमें बेहिसाब दिया उसी को हम माला की गिनती से भजते हैं : पंडित शिव गुरु शर्मा

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ परमात्मा बहुत दयालु है वह अपने भक्तों को ना जाने कब और कितना दे दे यह वही जानता है भक्तों को हमेशा ही भगवान के सामने सोच…

नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ बस स्टैंड के समीप चौहान परिवार द्वारा सांवरिया धाम में अपने पितरों के उद्धार हेतु श्राद्ध पक्ष में श्रीमद् भागवत पुराण की कथा उन्हेल से पधारे…

मां बच्चे की पहली गुरु होती है वह जैसा सिखाती है वैसा वह सीखता है : पंडित शिव गुरु शर्मा

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ बच्चे हमेशा बड़ों से ही कुछ सीखते हैं उन्हें जैसा सिखाया जाता है वह वैसा सीखते हैं घर बच्चे की प्रथम पाठशाला होती है और मां उसकी…

कथा सुनने से धन नहीं आनंद मिलता है- पंडित शिवगुरुजी

मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ भागवत की कथा सुनने आप जितने कदम चलोगे उतने यज्ञ का पुण्य तुम्हें मिलता है इसलिए जहां कथा हो वहां जाना चाहिए कथा में आप जितने घंटे…