विपुल पांचाल@ झाबुआ Live

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में बेसलाइन सर्वे होगा। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में जागरूक करना है। वर्ष 2018 के आम निर्वाचन में जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत कम रहा है, उन क्षेत्रों में बेसलाइन सर्वे का कार्य होगा। झाबुआ विधानसभा क्षेत्र 193 में 20 अलग अलग पोलिंग बूथों जहां वोटिंग प्रतिशत 50 से कम रहा वहां पर यह सर्वे होगा। इस दौरान मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरुक किया जाएगा, ताकि वे आने वाले चुनाव में अधिक से अधिक मतदान करें।
जानकारी के मुताबिक बेसलाइन सर्वे में प्रत्येक जिले की एक विधानसभा क्षेत्र का चयन किया गया है, जिसमें मतदान का प्रतिशत उस जिले में विधानसभा 2018 के निर्वाचन में सबसे कम था। सर्वे के दौरान पूछे गए सवालों का 18 से 60 वर्ष तक की आयु के मतदाताओं से जबाव लिया जाएगा। सर्वे में विभिन्न आयु वर्ग के 50 प्रतिशत महिला और 50 प्रतिशत पुरूष मतदाता होंगे। इसमें दिव्यांग और थर्ड जेंडर मतदाताओं को भी शामिल किया गया है। यह पूरा कार्य कालेज के स्टूडेंटो द्वारा किया जाना है, जिसकी तैयारियां कर ली गई है। अभी उनका प्रशिक्षण चल रहा है।
मतदाताओं से निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित पूछे जाएंगे सवाल:
सर्वे के दौरान मतदाताओं से निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों में राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र का नाम और संख्या, मतदान केंद्र का नाम, शहरी या ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी के साथ ही मतदाता पंजीकरण, ज्ञान, दृष्टिकोण, व्यवहार, विश्वास, अभ्यास, मतदाता जागरूकता, स्वीप गतिविधियाँ, मतदाता की पृष्ठभूमि संबंधी सहित निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कई प्रश्न होंगे।
जिला निवार्चन अधिकारी करेंगे समीक्षा:
सर्वे कार्य का जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा क्षेत्र में भ्रमण कर लगातार निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही सर्वे कार्य की समीक्षा भी की जाएगी। सर्वे का कार्य 2 मई से 10 मई 2023 तक चलेगा। सर्वे से संबंधित दस्तावेज संबंधित ईआरओ, आरओ, एसडीएम, तहसीलदार के पास 11 मई को जमा किए जाएंगे। जिला स्तर पर संकलित रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय भोपाल 22 मई तक भेजी जाएगी।
झाबुआ विधानसभा के इन 20 पोलिंग बूथों पर होगा सर्वे:
झाबुआ जिले में झाबुआ विधानसभा क्षेत्र 193 को लिया गया। इस विधानसभा क्षेत्र के उन 20 पोलिंग बूथों लिया गया है, जहां 2018 के विधानसभा चुनाव में 35 प्रतिशत से लेकर 43 प्रतिशत तक वोटिंग हुई थी। ये से पोलिंग बूथ है जहां पुरे जिले में सबसे कम वोटिंग प्रतिशत रहा था। इनमें रामतलिया (330), अरंडी फलिया (329), बुछाडूंगरी (222), धामनी नाना (238), उबेराव (239), झाबुआ (99), चुई (270), केशरिया बारी (343), खेड़ादपाड़ा (332), मांडलीलाई (219), झांझरवा (259), वाल्दीमाल (252), खेड़ा माछलियाझीर (269), कंजावानी खास (231), कुशलपुरा (224), उट्टी (325), वागवा (241), भोदली (308), कुंडालवासा (328), छंगोला (255) शामिल है।

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