इरशाद खान, बरझर

कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री के द्वारा 21 दिनों के लिए सम्पूर्ण भारत देश में लाक डाऊन व जन्ता कर्फ्यू की घोषणा की लोगों को अपने घरों में रहनें की अपील की जिसे प्रशासन ने भी गम्भीरता से लेते हुए सख्ती से लाक डाऊन का पालन करवा रहीं हैं । पुलिस प्रशासन कहीं पर सख्ती दिखाईं तो कही पर समझाईश से लोगों को अपने घरों में रहनें की सलाह दे रहै है । किन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन की सख्ती के बाद भी ग्रामीण बाजार में ज़रूरत का सामान खरीदने के लिए चक्कर लगा रहे हैं । जिसे देखतें हुए प्रशासन ने सुबह 8 से 10 बजे तक जरूरत के सामान के लिए छुट दी गई । जिससे आम-जन अपनी जरूरत का सामान खरीद ले प्रशासन की छुट के बाद बाजार में सब्जी भाजी व किराना सामान के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी जिसे देख गाँव के बड़े वपारीरियो ने रोज मर्रा मे आने वालीं सामान के भाव दो गुने कर दिए । जहा शक्कर 40 रूपे किलों बेची जाती थी वही अब 60 से 70 रूपे किलो बेची जा रही है । वही विमल 130 रूपये पैकेट था अब 200 रूपए व गुटखा 90 से डायरेक्टर 150 पर पहुच गया क्या ये जन्ता के साथ ठगी नही है । गाव के थोक बन बडे व्यापारीयो के द्वारा जनता के साथ ठगी की जा रही है ईन बडे व्यापारीयो ने अपने गोदाम में शक्कर विमल्र गुटको का भारी मात्रा में स्टाक करा हुआ है व जनता को उंचे दामे मे बेच रहै हैं प्रशासन को ईन बडे व्यापारीयो के यहा छापे मार कार्य वही कर उनके गोदाम की जांच कर सिल कर देना चाहिए जो जनता के साथ ठगी कर मुनाफा कमा रहै है । अभी तो 14 अप्रेल तक बाजार बंद रहना हे । ऐसे में ये बड़े व्यापारी लोग ग्राहकों से ठगी कर रहे हे । हर चीज के भाव गरीब तबके के लोगों है लेकर बड़ा मुनाफा कमा रहे हे । जिसे प्रशासन को ध्यान देकर कायवाही करनी चाहिए ।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *