बुरहान बंगड़वाला, खरडूबड़ी 

पश्चिम मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल जिला झाबुआ के आदिवासी क्षेत्र में आदिवासी परंपरागत एक त्यौहार मनाया जाता है जिसे गाय गोहरी पर्व कहते हैं जो की दिवाली के एक दिन बाद गायों को पूज कर सजा धजाकर आदिवासी क्षेत्रों में गांव मैं चौक पर मन्नत धारियो द्वारा गायों के पैरों के नीचे सो कर उनके ऊपर से गायों को गुजारा जाता है। 

कहा जाता है कि जब मन्नत धारी गायों के पैर के नीचे सोते हैं तो उन्हें सालार माता का अंश आता है जिसके कारण उन्हें किसी तरह का कोई दर्द वगैरह नहीं होता है। कई सालों से आदिवासी अंचल में इस तरह की परंपरागत देखने को मिलती है। ऐसा ही झाबुआ जिले के गांव खरडू बड़ी में हर साल की तरह इस वर्ष भी काफी उत्साह उल्लास के साथ गायगोहरी का पर्व मानते है। जिसको देखने के लिए आस पास के गांव के लोग देखने आते है। इसी के साथी आज ही के दिन यानी दिवाली के एक दिन बाद गाय गोहरी की सुबह गोवर्धन पूजा भी की जाती है।

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