रितेश गुप्ता थांदला

प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पूर्व सांसद एंव पत्रकार कन्हैयालाल वैद्य की 111 वीं जयन्ति के अवसर पर इस वर्ष भी  माधव हाॅल (इण्डौर स्टेडियम) में वैद्य स्मृति व्याख्याानमाला सम्पन्न हुई । इस अवसर पर नगर परिषद् अध्यक्ष बंटी डामौर व्दारा नगर के प्रमुख चैराहे पर वैद्य की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की । कार्यक्रम में अतिथियों व्दारा सयुक्त रूप से स्थानिय महाविघालय का नामकरण स्व. कन्हैयालाल वैद्य के नाम से करने हेतु प्रस्ताव पारित करते हूए शासन से नामकरण करने की माॅंग की।

आयोजन को सम्बोधित करते हूए वरिष्ट पत्रकार अर्जुनसिंह चंदेल सम्पादक अग्निपथ उज्जैन ने सम्बोधित करते हूए कहा चालीस साल के पत्रकारिता के दौर में पत्रकारिता का पतन हूआ है नैतिक मूल्यों का हास हूआ है । आज के दौर में चापलुसिता बडी है जबकी वैद्यजी उस दौर के पत्रकार थे जहाॅं समाचारों में हूकार होती थी । स्व. कन्हैयालाल वैद्य एक विदे्राही पत्रकार थे जिन्होने ने सीधा संघर्ष तात्कालिन सत्ता से किया था । जिसका परिणाम उन्है राजद्रोह जैसे मुकदमों व रियासतों में प्रतिबंधों के रूप में मिला। हमें उस दौर की और बढना होगा सच को सशक्त लिखना होगा जिससे वर्तमान पत्रकारिता दूर होती जा रही है ।

पत्रकार, डाॅ कुशालसिंह पुरोहित सम्पादक ने अपने सम्बोधन में कहा-आज हर कोई अपने लिये जी रहा है अपने बारें में सोच रहा है अपना हित साधनें में जुडा इस आर्थिक युग की दौड में दौडते हूए हम देश के लिये जीना भुल गये है । स्व.वैद्य ऐसे पत्रकार थे जो देश के लिये जिये है । वर्तमान समय में दल और विचारधारा से जुडकर पत्रकारिता कमजोर हो गई है । मूल्यों को जीवित रखने के लिये वैद्य जैसे पत्रकारों के जीवन को समझना होगा । स्वय गाधीजी का अखबार कभी तीन हजार प्रतियों से ज्यादा नही बिका लेकिन गाॅंधीजी के एक आव्हान पर लाखों लोग सत्याग्रह करते थे । अपनी कमल को कभी कमजोर न समझे देश हित में आप जितना लिख रहे है वर्तमान हालात में बहौत है ।

कार्यक्रम को वरिष्ट, रमेश टाॅंक सम्पादक दै. स्वतंत्र ऐलान रतलाम ने सम्बोधित करते हूए कहा आज भी आंचलिक पत्रकारिता अपनी उसी धार में है आचंलिक पत्रकारिता संघर्षो के दौर में है पत्रकार वर्तमान समय में जो लिखता है वह पत्रकार के लिये चुनौती बनता है वैघ जी हमारे प्रकाश स्तम्भ है क्योंकी हर युग में अपनी चुनौतियाॅ थी और हर दौर में समस्या आती है । जनमत बनाना और जनमत गिराना भले ही कूछ अखबार और सम्पादक करते है लेकिन आज भी आंचलिक पत्रकारिता मूल्यों के प्रति कटिबद्ध है ।

इस अवसर पर भोपाल से आये वरिष्ट पत्रकार जयसिंग  ने कहा वर्तमान समय में हमारी पत्रकारिता बिक गई , खो गई और सौ गई है शोषण तब भी होता था आज भी हो रहा है सम्पूर्ण देश व विश्व में यदी पत्रकारिता के तौर झाबुआ -अलिराजपुर की पहचान है तो कन्हैयालाल वैद्य के नाम से जाना जाता है हमें अपनी सौई हूई पत्रकारिता को जगाना होगा ,खो गई पत्रकारिता को लाना होगा ।

इस अवसर पर नगीन शाहजी, अशोक अरोरा, जसवंत भाभर,गुलाम कादर ,ओमप्रकाश भटट ने भी सम्बोधित किया । कार्यक्रम में वरिष्ट पत्रकार क्रांतिकुमार वैघ,अभिभाषक यंशवत राव भटट ,पत्रकार कैलाश सनोलिया नागदा, दौलत भावसार,  नारायण भटट, सहीत बडी संख्या में अचल में पत्रकार ,नागरिक प्रबुद्धजन सम्मिलित हूए । अतिथियों को केसी यादव राष्ट्रिय पत्रकार मौर्चा व्दारा स्मृति चिन्ह भेंट किये गये । कार्यक्रम का संचालन अभिभाषक नंदकिशोर शर्मा व्दारा किया गया आभार क्रांति वैद्य व्दारा ज्ञापित किया गया ।

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