हरीश राठौड़, पेटलावद प्रदेश सरकार को जिनकी मेहनत से लगातार 5 बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है उन किसानों की परेशानी से किसी को कोई वास्ता ही नहीं है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकरियों की हड़ताल के बीच तहसील मुख्यालय पहुंचकर बीज लेने आने वाले किसानों को दिन भर की दौड़ धूप के बाद भी बमुश्किल एक बैग सोयाबीन का बीज प्राप्त हो रहा है। वह भी अधिकारियों की मिली भगत के चलते ज्यादा राशि ली जा रही है। हड़ताल से परेशानी बढ़ी किसानों को ग्राम स्तर पर सुविधा देने के लिये तैनात ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी इन दिनों आंदोलन की राह पर है। तथा विभाग के दप्तर के सामने ही हड़ताल पर बैठे हुए है। बरसात सिर पर है और बीज की माकूल व्यवस्था न होने से परेशान किसानों को भागादौड़ी करनी पड़ रही है। ज्यादा वसूल रहे राशि इन दिनों विभाग द्वारा तहसील मुख्यालय पर किसानों को अनुदान पर सोयाबीन की प्रजाति 335 एवं 9560 की 30 किलो की पैकिंग में बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया जाता है कि उक्त बीज की एक थैली 424 रुपए में देने के निर्देश है लेकिन मनमर्जी से किसानों से 450 रुपए वसूले जा रहे है। ऊंट के मुंह मे जीरा तहसील के किसानों को बीज वितरित करने के लिये प्रजाति 335 की 67 क्विंटल तथा 9560 की 30 क्विंटल आया है। लेकिन यह बीज ऊंट के मुंह मे जीरा साबित हो रहा है। क्योंकि बड़ी मुश्किल से एक-एक कट्टी का वितरण किया जा रहा है। कई किसानों ने कहा कि जगह के मान से बीज वितरित किया जाए। ये बोले जिम्मेदार हड़ताली कर्मचारियों के तहसील अध्यक्ष हिमला भूरिया ने बताया कि पिछले 23 दिनों से वे हड़ताल पर है लेकिन उनकी मांगों को नहीं सुना जा रहा है। किसानों को हो रही परेशानी से संगठन भी चिंतित है। सरकार को हमारी मांगो को पूरा करना चाहिए। इधर ज्यादा राशि के मामले में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लालचंद खपेड़ अनोखा तर्क देते हुए नजर आये । उन्होंने कहा कि राशि जो ज्यादा ली जा रही हैए उसका पूरा चालान भर दिया जायेगा और अनुदान कम लेंगे। Post navigation 128 जरूरतमंदों को ब्लड डोनेट कर आजाद ब्लड ग्रुप ने मानव सेवा माधव सेवा के नारे को किया साकार दोगुनी शक्ति वाले वन्या प्लस नमक का क्षेत्र के लोग कर रहे है उपयोग