दिनेश वर्मा, झाबुआ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में आज इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2026” में शहरी विकास, आधारभूत संरचना और सतत विकास को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) एवं वित्तीय अनुबंधों का आदान-प्रदान किया गया।
*1. इंदौर नगर निगम एवं बैंक ऑफ इंडिया के बीच ₹1,320 करोड़ से अधिक के ऋण अनुबंध*
इंदौर में जलप्रदाय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और जलाशयों के पुनर्जीवन से संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु इंदौर नगर निगम और बैंक ऑफ इंडिया के बीच ₹1,320 करोड़ से अधिक के ऋण अनुबंध किए गए। यह वित्तीय सहयोग शहर की अधोसंरचना को मजबूत करने, नागरिकों को बेहतर जल सुविधाएं उपलब्ध कराने और सतत शहरी विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
*2. उज्जैन विकास प्राधिकरण एवं इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच अनुबंध*
उज्जैन विकास प्राधिकरण और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच महत्वपूर्ण अनुबंध हुआ। यह पहल बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
*3. रीवा नगर निगम एवं एचडीएफसी बैंक के बीच वित्तीय सहयोग*
रीवा नगर निगम की जलप्रदाय संवर्धन परियोजना के लिए ₹50 करोड़ की वित्तीय व्यवस्था हेतु रीवा नगर निगम और एचडीएफसी बैंक के बीच सैद्धांतिक स्वीकृति का आदान-प्रदान किया गया। इससे शहर की जलप्रदाय व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
*4. नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया के बीच साझेदारी*
प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सतत शहरी प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तरीय समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत होटल एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों के सहयोग से कचरा पृथक्करण, खाद्य अपशिष्ट में कमी, अतिरिक्त भोजन का वितरण, गीले कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण, उपचारित जल का पुनः उपयोग और वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
*5. मध्यप्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के बीच समझौता*
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग और महाराष्ट्र शासन के महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के बीच भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। यह पहल नीतिगत सहयोग, नवाचार और शहरी विकास के बेहतर मॉडल अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

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