मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ शारदीय नवरात्र के बाद क्षेत्र में प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के आयोजन किए जाते हैं इसी कड़ी में यहां टेकरी वाली अंबे माता मंदिर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, मंदिर के पुजारी आत्माराम भूरिया ने बताया कि माता रानी को भक्तों द्वारा 56 भोग की महाप्रसादी का भोग लगाकर कर महाआरती की गई, उसके पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें आम्बुआ के अलावा समीप ग्राम बोरझाड,अगौनी,हरदासपुर, इटारा आदि ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में माता भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की , लगभग तीन चार घंटे चले भंडारे में महिला पुरुष एवं बच्चों ने प्रसादी ग्रहण कर जीवन को सफल बनाया,यह आयोजन प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा को भक्तों के सहयोग से पूर्ण किया जाता है। Post navigation तत्वज्ञ श्री धर्मेन्द्रमुनिजी के सान्निध्य में सोमवार को होगा नव दिवसीय ओलीजी तप आराधना का समापन