मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क्षेत्र में शाम ढलते ही मंदिरों तथा नवरात्रि उत्सव पांडालों में धार्मिक भजनों एवं गरबा गीतों की धुन सुनाई देने लगती है, लगभग नौ दिनों तक ऐसा ही माहौल बना रहेगा। मिली जानकारी अनुसार यह शारदीय नवरात्र का होकर आदिशक्ति मां जगदम्बा के नौ रूपों की पूजा अर्चना का है, मंदिरों तथा गरबा पांडालों में विराजमान माता जी की अस्थाई मूर्तियों के समक्ष पूजा अर्चना के साथ ही गुजरात की संस्कृति अनुसार गरबा रास किया जा रहा है जिसमें महिलाओं की विशेष रुचि रहती है,इस कड़ी में आम्बुआ-अडवाडा मार्ग पर स्थित मेलडी माता मंदिर में भी महिला मंडल एवं पुरूष वर्ग द्वारा भी गरबा रास किया जा रहा है। Post navigation विधायक सेना पटेल ने डुडवा फलिया में 6.07 लाख की विद्युत डीपी का किया उद्घाटन, किसानों को मिलेगी राहत आम्बुआ में 15 अक्टूबर को निकाली जाएगी विशाल चुनरी यात्रा