जितेंद्र वाणी, नानपुर पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर संत श्री आशाराम जी आदिवासी समाज कल्याण आश्रम लखनकोट आलीराजपुर में पितरों की मुक्ति और तर्पण के महत्व को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में साधक-साधिकाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पितरों की मुक्ति के लिए विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पिंडदान एवं तर्पण कार्यक्रम किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। आयोजकों ने बताया कि आदिवासी समाज में पितृ तर्पण की परंपरा और उसके महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से समाज के लोगों को बताया गया कि पितरों का तर्पण क्यों किया जाता है और इसे पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार किस प्रकार संपन्न किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में लोगों से अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को समझने और उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। साथ ही समाज में पितृ तर्पण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। Post navigation पावागढ़ जा रहे हजारों पदयात्रियों की सुरक्षा और सेवा में जुटी पुलिस सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल