कुफा यूनिवर्सिटी ने सूरत में दाउदी बोहरा लीडर सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब को मानद डॉक्टरेट प्रदान की
झाबुआ डेस्क। दुनिया भर में शिक्षा, संस्कृति बचाने और समाज कल्याण के कामों को देखते हुए, कुफा यूनिवर्सिटी ने दाउदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु 53वें अल-दाई अल-मुतलक, डाक्टर सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया।
इराक का एक खास प्रतिनिधिमंडल, जिसके अगुआ प्रोफेसर डॉ. हैदर आबेद धाहाद (उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्रालय के सीनियर अंडरसेक्रेटरी) और प्रोफेसर डॉ. अला नाजी अलमावला (कुफा यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट) थे, सूरत में हुए एक समारोह में सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को यह डिग्री प्रदान की।

प्रोफेसर डॉ. हैदर आबेद धाहाद ने कहा, “सूरत का डायमंड सिटी हुजूर आला को सम्मान देने के लिए बहुत सही जगह है। यह उनकी पुरानी जमीन है और अल्जामिया-तुस-सैफिया का मुख्य केंद्र भी है, जो सदियों से दाउदी बोहरा समुदाय का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र रहा है। सूरत में ज्ञान और शिक्षा की पुरानी परंपरा है। यहीं यह मानद डॉक्टरेट देना दिखाता है कि हम ज्ञान, संस्कृति और इंसानियत के कामों में एक साथ जुड़े हुए हैं।”
इसी बात को दोहराते हुए प्रोफेसर डॉ. अला नाजी अलमावला ने कहा, “हुजूर आला सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन शिक्षा, विरासत बचाने और दुनिया भर में समाज को आगे बढ़ाने के काम में लगातार लगे रहे हैं। यह डॉक्टरेट उनके उस काम का सम्मान है, जिसमें उन्होंने ऊँची पढ़ाई को निःस्वार्थ समाज सेवा से जोड़ा है। यह हमारी यूनिवर्सिटी और दुनिया भर के शिक्षा जगत के लिए एक अच्छा उदाहरण है।”
उन्होंने आगे कहा, “हुजूर आला को यह सम्मान देकर कुफा यूनिवर्सिटी पुरानी विद्या और दुनिया भर की इंसानियत की सेवा के बीच के पुराने रिश्ते को मानती है।”
