करोड़ों की लागत से बना स्कूल भवन, फिर भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे बच्चे, एक साल बाद भी सड़क-पानी का इंतजाम अधूरा
बुरहान बंगड़वाला, खरडू बड़ी
जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खरडू बड़ी के वंजिया डूंगर पर करीब 3.90 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हाई सेकेंडरी स्कूल भवन को बने करीब एक वर्ष हो चुका है। भवन का लोकार्पण क्षेत्र की विधायक एवं भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया द्वारा किया गया था। इसके बावजूद स्कूल भवन में पहुंचने के लिए सड़क और विद्यार्थियों के लिए पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।रोजाना स्कूल के चतुर श्रेणी के कर्मचारी नारू भाबोर करीबन 20 पानी के केन अपने सिर पर और कभी कोई बच्चा बाइक लेकर आता है तो उनके साथ स्कूल तक केन पहुँचाते है। शौचालय जाने में भी यही पानी का उपयोग किया जाता है । इस स्कूल भवन में करीबन 400 बच्चे अध्धयनरत है।
नवीन भवन में इसी शैक्षणिक सत्र सितम्बर से स्कूल का संचालन शुरू किया गया है, लेकिन यहां पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग से स्कूल भवन तक करीब 1.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाने के कारण स्थिति और खराब हो जाती है। शिक्षकों को कई बार करीब 5 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय कर डॉक्टर घाटी की ओर से स्कूल पहुंचना पड़ता है, जबकि विद्यार्थी आसपास की झाड़ियों और कच्चे रास्तों से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। विद्यार्थियों भी आस पास के गांव से पैदल स्कूल आते है फिर भी इनके लिए कोई सुविधा नहीं।

*भवन बना, लेकिन पानी की सुविधा नहीं*
स्कूल भवन में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। भवन परिसर में पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं है। बताया गया कि पूर्व में यहां दो ट्यूबवेल खनन कराए गए थे, लेकिन दोनों में पानी नहीं मिला। इसके बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों को भवन से दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है।
*ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए भवन में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक पेयजल व्यवस्था अब तक क्यों नहीं की जा सकी।*
