विजय मालवी, बड़ी खट्टाली

श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही दशामाता व्रत के दस दिवसीय अनुष्ठान शुरू हुए थे। शनिवार को अनुष्ठान के समापन पर सुबह प्रजापत और हरवाल समाज के परिवारों द्वारा विराजित माता की प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। माता की विदाई के दौरान चारभुजा धाम बड़ी खट्टाली में भक्तिमय वातावरण रहा। आधी रात से ही मंगल गीतों और माता के जयकारों का दौर शुरू हो गया था। सुबह गाजे-बाजे के साथ सजी-धजी प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई।

श्रद्धालु माता की प्रतिमाओं को सिर पर धारण कर शोभायात्रा के रूप में हथनी नदी पहुंचे। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद माता के जयकारों के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने अच्छी बरसात, परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। विसर्जन के साथ ही दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन हुआ। उक्त जानकारी प्रजापत समाज खट्टाली के तरुण प्रजापत ने दी।

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