विजय मालवी, बड़ी खट्टाली
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही दशामाता व्रत के दस दिवसीय अनुष्ठान शुरू हुए थे। शनिवार को अनुष्ठान के समापन पर सुबह प्रजापत और हरवाल समाज के परिवारों द्वारा विराजित माता की प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। माता की विदाई के दौरान चारभुजा धाम बड़ी खट्टाली में भक्तिमय वातावरण रहा। आधी रात से ही मंगल गीतों और माता के जयकारों का दौर शुरू हो गया था। सुबह गाजे-बाजे के साथ सजी-धजी प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई।
