डॉ. जगदीश खतेड़िया का संदेश: “पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति करे पौधरोपण”

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भूपेंद्र नायक पिटोल 

जिस प्रकार शरीर को पोषण के लिए भोजन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए पेड़-पौधों की आवश्यकता होती है। पेड़-पौधे पर्यावरण की अशुद्धियों को सोख लेते हैं और हमें शुद्ध प्राणदायिनी वायु प्रदान करते हैं। इस संतुलन को बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए।

पिटोल से 4 किलोमीटर दूर स्थित गांव भीमफलिया के डॉ. जगदीश खतेड़िया वर्ष 2012 से पिटोल एवं आसपास के गांवों में अब तक 2000 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। इनमें से अधिकतर पौधे अब बड़े होकर वृक्ष का रूप ले चुके हैं। डॉ. खतेड़िया अपने डॉक्टरी पेशा से समय निकालकर जहाँ भी वृक्षारोपण का कार्यक्रम होता है या पौधों की आवश्यकता होती है, वहाँ पौधे उपलब्ध कराते हैं। किसी भी बंजर भूमि को हरा-भरा करने के लिए वे तन, मन और धन से जुट जाते हैं। वे समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर पर्यावरण संरक्षण का यह पुनीत कार्य करते हैं।

इसके साथ ही, डॉ. जगदीश शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। ‘मां सरस्वती शिक्षा समिति, पिटोल’ के सचिव के रूप में वे गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी आर्थिक व मानसिक सहायता करते हैं।

‘सावन माता वन’ से लेकर ‘मेरा थाना मेरा वन’ अभियान तक

डॉ. जगदीश खतेड़िया ने भीमफलिया में तीन बीघा बंजर भूमि पर ‘सावन माता वन’ के नाम से सघन वृक्षारोपण किया था, जो आज पूरी तरह हरा-भरा होकर लहलहा रहा है। वे हर वर्ष नए स्थानों पर पौधरोपण करते हैं। अब तक उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (पिटोल), माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर (पिटोल), हनुमान टेकरी मंदिर और मुक्तिधाम में वृक्षारोपण किया है। पिटोल पुलिस चौकी परिसर में उन्होंने ‘मेरा थाना मेरा वन’ अभियान के तहत पौधे लगाए।

वर्ष 2026 में उन्होंने भीमफलिया मुक्तिधाम परिसर में 250 पौधे लगाए हैं। इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुक्तिधाम के चारों ओर तार फेंसिंग भी कराई गई है। इस कार्य में भीमफलिया गांव के बुजुर्गों, युवाओं और मातृशक्ति का निरंतर सहयोग मिलता है। वहीं, डॉ. जगदीश की पत्नी श्रीमती गीता खतेड़िया भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर पर्यावरण बचाने के इस मिशन में जुटी हुई हैं।

विभिन्न संस्थाओं और समाज का मिला सहयोग

सामाजिक महासंघ: महासंघ के प्रमुख और पर्यावरण प्रेमी नीरज सिंह राठौड़ द्वारा पिछले 2 वर्षों से डॉ. जगदीश को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शिवगंगा झाबुआ: ‘माता वन’ निर्माण के इस अभियान के लिए शिवगंगा संस्था भी निःशुल्क पौधे प्रदान करती है।

जन-सहयोग एवं प्रशासन: डॉ. जगदीश के प्रकृति प्रेम से प्रेरित होकर भीमफलिया व पिटोल के आर्थिक रूप से संपन्न नागरिक पौधों की व्यवस्था में आर्थिक मदद करते हैं। साथ ही, राज्य परिवहन निगम चेक पोस्ट (पिटोल) आरटीओ के अधिकारी भी इस कार्य में अपना सहयोग दे रहे हैं।

एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय अभियान “एक पेड़ मां के नाम” का उद्देश्य जन-सहभागिता के माध्यम से देशभर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण करना है। डॉ. जगदीश और उनका समूह केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी निभाता है।

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