अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले तो कलेक्टर ने स्वयं किया मरीजों का चेकअप, पिटोल में जानी ग्रामीणों की समस्याएं
भूपेंद्र नायक, पिटोल
झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत पिटोल में आयोजित जनकल्याण शिविर में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डॉक्टर की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने स्वयं मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। करीब 6570 की आबादी वाले और तत्कालीन स्वर्गीय सांसद दिलीप सिंह भूरिया द्वारा आदर्श घोषित इस गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। शिविर में सड़क, बिजली, पानी, अतिक्रमण और खाद जैसी प्रमुख समस्याओं पर चर्चा हुई, जिनका मौके पर ही समाधान करने का आश्वासन दिया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण
कलेक्टर बैतूल-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने डाटा एंट्री ऑपरेटरों से जन्म-मृत्यु पंजीकरण और मरीज पंजीकरण व्यवस्था में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। साथ ही मेडिकल स्टोर पर दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल में प्रतिदिन होने वाली प्रसूतियों के बारे में स्टाफ से चर्चा की।
डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्वयं किया परीक्षण
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में पदस्थ डॉ. विजय मेरावत एक मर्ग प्रकरण के बाद पोस्टमार्टम के सिलसिले में झाबुआ गए हुए थे। अस्पताल में प्रसूति महिलाओं और सामान्य मरीजों की भीड़ देखकर कलेक्टर डॉ. भरसट ने एक डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए स्वयं मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निरीक्षण कर इसकी कमियों को जल्द दूर कर इसे अति शीघ्र चालू करवाने का आश्वासन दिया।

सड़क, पानी और अतिक्रमण की उठाई गई समस्याएं
शिविर में ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी समस्याएं रखीं। इनमें बस स्टैंड से कुंदनपुर चौराहे तक जर्जर सीसी रोड का नवनिर्माण और नल-जल योजना की पुरानी पाइपलाइन खोदकर नई लाइन डालने की मांग प्रमुख थी। ग्रामीणों ने बताया कि 3 किलोमीटर दूर मोद नदी पर बने गोजियारा बैराज में पर्याप्त पानी है, यदि बैराज की मोटर के लिए अलग और स्वतंत्र बिजली लाइन डाल दी जाए, तो जलसंकट का समाधान हो सकता है। इसके अलावा, बस स्टैंड से मुख्य बाजार तक भारी अतिक्रमण के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम होता है और वाहन चालकों में विवाद की स्थिति बनती है, जिससे गांव में भय का माहौल रहता है और मेहमानों को वाहन बाहर खड़े करने पड़ते हैं।
खाद वितरण और किसानों से सीधा संवाद
कलेक्टर ने खाद की समस्या पर किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बताया कि ई-टोकन के माध्यम से खाद प्राप्त किया जा सकता है। कम पड़ने पर दोबारा ई-टोकन बनाया जा सकता है। डिफाल्टर किसान जिले में बनी आदिम जाति कल्याण विभाग की दुकानों से खाद ले सकते हैं। उन्होंने पंचायत में आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी और ई-टोकन से जुड़ी समस्याओं के लिए विभाग के मैनेजर को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
