मेघनगर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया श्री साईबाबा मंदिर का 26वां स्थापना दिवस

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लोहित झामर, मेघनगर

स्थानीय श्री साईबाबा मंदिर में मंगलवार को 26वां स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर सुबह से देर रात तक धार्मिक अनुष्ठानों, हवन-पूजन, महाआरती एवं विशाल महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें मेघनगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर साईबाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

स्थापना दिवस महोत्सव का शुभारंभ प्रातःकाल विद्वान पंडितों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस दौरान श्री साईबाबा की प्रतिमा का विभिन्न फलों के रस से विशेष अभिषेक किया गया। अभिषेक उपरांत बाबा का आकर्षक एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे एवं सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

सुबह 9 बजे से मंदिर परिसर में विशेष हवन-पूजन का आयोजन प्रारंभ हुआ। मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच संपन्न हुए इस यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में अर्चित सोनी उपस्थित रहे। वहीं हवन की पूर्णाहुति समाजसेवी सुरेश जैन (पप्पू भैया) द्वारा सविधि संपन्न कराई गई। हवन के दौरान वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया।

दोपहर 12 बजे श्री साईबाबा की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती में समाजसेवी सुरेश जैन (पप्पू भैया), नगर के गणमान्य नागरिकों एवं सैकड़ों साईंभक्तों ने एक साथ शामिल होकर बाबा की आराधना की। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर “ॐ साईं राम” और “साईनाथ महाराज की जय” के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।

महाआरती के पश्चात विशाल महाप्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया। इस भंडारे में मेघनगर सहित आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे 8 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बावजूद आयोजन समिति द्वारा व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित एवं अनुशासित रखी गईं। महाप्रसादी का क्रम दोपहर से शुरू होकर देर रात तक निरंतर चलता रहा।

स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने में मंदिर समिति, साईं सेवकों एवं नगरवासियों का विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साईबाबा की कृपा और भक्तों के सहयोग से स्थापना दिवस समारोह भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

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