आदिवासी अंचल में अपनी सादगी से दिल जीतने वाले कैशियर शेखर राठौर को छकतला ने दी भावभीनी विदाई 

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ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला

अमूमन बैंकों की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर अक्सर शिकायतें ही सुनने को मिलती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा छकतला के कैशियर शेखर राठौर ने अपनी कार्यशैली से एक अलग मिसाल पेश की है। मूलतः तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के निवासी शेखर राठौर का 4 साल से अधिक का समय छकतला में बिताने के बाद अब भोपाल स्थानांतरण हो गया है। उनकी विदाई पर एक समारोह का आयोजन किया गया, जहां सभी ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

छकतला शेखर राठौर की पहली पोस्टिंग थी। इन चार वर्षों में कई अधिकारी और कर्मचारी आए और गए, लेकिन शेखर यहीं डटे रहे और आदिवासी अंचल में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देते रहे। पूरे कस्बे में उनके सरल और सहज स्वभाव की तारीफ होती है। उन्होंने कभी किसी ग्राहक से ऊंची आवाज में बात नहीं की और हमेशा सबकी मदद की। उनका यही मृदु व्यवहार बैंक को भी ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक बना।

स्थानीय लोगों का मानना है कि वे एक बैंक कर्मचारी से कहीं अधिक एक समाजसेवी की तरह लगे, जिन्होंने बहुत कम समय में लोगों से गहरे और आत्मीय संबंध बना लिए थे। विदाई समारोह में उपस्थित लोगों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अब शायद ही उनके जैसा विनम्र कर्मचारी बैंक को मिल सके। इस अवसर पर प्रभारी शाखा प्रबंधक जितेन्द्र सिंघल, चंद्रसिंह, राकेश, संजय, राजेश, गुमान और भरत गोपाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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