लोहित झामर, मेघनगर

ग्राम उमरादरा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय डूंडका फलिया में छत का प्लास्टर गिरने से क्लास ले रहे शिक्षक के साथ तीन छात्राओं के घायल होने पर कलेक्टर नेहा मीना ने डीपीसी और बीआरसी को कारण बताओ सूचना पत्र देकर स्कूल के प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। कलेक्टर नेहा मीना द्वारा पूर्व में भी निर्देशित किया गया था कि जिले में जर्जर अवस्था में स्कूल एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालन ना किया जाए एवं उनके डिस्मेंटल की कार्यवाही की जाए। जर्जर भवन होने पर स्कूल एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन अस्थाई रूप से ग्राम पंचायत या कम्युनिटी हॉल में किए जाए के निर्देश दिए थे। साथ ही कलेक्टर ने इस प्रकार के जर्जर भवनों की संख्या एवं रिपोर्ट भेजी जा कर डिस्मेंटल की कार्यवाही के निर्देश दिए थे। विगत वर्ष भी सर्वे करा कर करीब 400 जर्जर भवनों को डिस्मेंटल किया गया था।

डीपीसी और बीआरसी के द्वारा संबंधित स्कूल के भवन के संबंध में ना ही रिपोर्ट पेश गई और ना ही डिस्मेंटल की कार्यवाही की गई। कलेक्टर ने दोनों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया और स्कूल के प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

कलेक्टर ने आकस्मिक रूप से वीसी के माध्यम से निर्देशित किया कि जिले में आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम रखें। अनुभाग में आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी अनुविभागीय अधिकारियों की है अतः वे अपने क्षेत्रांतर्गत ज़मीनी अमले को सजग व सचेत रखें। उन्होंने कहा कि पूर्व में आपदा प्रबंधन से संबंधी निर्देश दिए जाने के बाद इस प्रकार की दुर्घटना होने गंभीर विषय हैं, जिसके लिए सभी एसडीएम अपने अपने स्तर पर समीक्षा कर लें। जिले में किसी भी प्रकार के जर्जर भवन में स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्र संचालित ना हो। इसके अतिरिक्त जिले में जितने भी जर्जर भवन है उनका सर्वे कर डिस्मेंटल की कार्यवाही की जाए । इन निर्देशों के अनुपालन के लिए समस्त एसडीएम , जनपद सीईओ एवं सीएमओ माध्यम से पूर्ण किया जाए जिससे भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटना की पुनरावृति ना हो।

कलेक्टर ने घायल हुई तीनों छात्राओं के इलाज के लिए रेडक्रॉस से 10-10 हजार की राशि स्वीकृत की।

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