बुरहान बंगड़वाला, खरडू बड़ी पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री पद्मविलोचन शुक्ल की पहल पर सामाजिक व आध्यात्मिक पुनरुत्थान हेतु चलाए जा रहे नगर/ ग्राम रक्षा समिति सम्मेलनो का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज दिनांक 15.10.2024 को थाना झाबुआ क्षेत्र के गांव खरडू बडी में पुलिस की कार्यप्रणाली में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने व संपूर्ण जिले में शांति व सुरक्षा का वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से ग्राम/रक्षा समिति सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस द्वारा आमजनता को संबोधित करते हुए कहा की ग्राम/नगर सुरक्षा समिति के सदस्य पुलिस व जनता के बीच में एक सहयोगी कड़ी के रूप में कार्य करता है व अपने क्षेत्र में घटित होने वाली अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है इस लिए ग्राम/नगर रक्षा समिति में अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ना का प्रयास किया जा रहा है। समिति का सदस्य बनने के इच्छुक व्यक्ति के लिए आवश्यक है कि उस व्यक्ति का कोई अपराधिक रिकॉर्ड न हो तो वह अपने थाना प्रभारी की अनुशंसा पर समिति का सदस्य बन सकता है। साथ ही कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि अधिकांश ग्रामीण लोग ही ठगी का शिकार होते है पढ़े लिखे व्यक्ति ही ऑनलाइन ठगी के ज्यादा शिकार होते है एवं ग्रामीणो को बताया गया कि गांव वालों की मदद से गांव में सीसीटीवी कैमरे चौराहे पर लगाये जाए ताकि अपराध करने वाले व्यक्ति की पहचान हो सके यदि अपराध करने वाला अपने गांव का हो तो उसकी पहचान गांव वाले भी कर सके इसी के साथ गांव वालों को बाल विवाह से होने वाले कारणों से अवगत कराते हुए बाल विवाह नहीं करने को लेकर शपथ दिलाई गई एवं पैसे एक्ट के बारे में बताते हुए ग्रामीणो को ओर ग्राम पंचायत को कहाँ गया कि गांव के छोटे मोटे अपराध गांव में ही पैसा एक्ट के माध्यम से निपटाए जाए ताकि ग्रामीणो को थाने के चक्कर नहीं काटने पड़े। ग्राम रक्षा समिति की बैठक में उपस्थित झाबुआ थाने से सब इंस्पेक्टर रामसिंह चौहान एएसआई राजेश गुर्जर, भूरसिंह चौहान, रुपाली के साथ गांव के सरपंच रमेश भुरजी डामोर, रामा जनपद उपाध्यक्ष पति रमेश डामोर, मानसिंग डामोर, प्रेमसिंह डामोर, पिंटू डावर, सिराज बोहरा, दिनेश पारगी, शायमलाल पंचाल, भूरा डामोर, रतन वसुनिया, कोटवाल कालूसिंग डामोर आदि ग्रामीण उपस्थित रहे। Post navigation रोड के दोनों साइड में हो गए गड्ढे, वाहन चालक परेशान आदिवासी कर्मचारी संगठन द्वारा पीड़ित परिवार को सहायता राशि दी गई