मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

होलिका त्यौहार के अंतिम दौर में आज क्षेत्र में शीतला सप्तमी पर्व की धूम रही सुबह 4 बजे से पूजा हेतु जुटे श्रद्धालु दोपहर तक चला दौर दिनभर चला ठंडे भोजन का घर घर में कार्यक्रम रखा गया।

           फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होली दहन के बाद लगभग 7 दिनों तक विभिन्न आयोजन हिंदू सनातन धर्म में चलता रहता है रंग पंचमी के बाद शीतला सप्तमी त्यौहार का अंतिम दिन कहा जाता है हालांकि सप्तमी के बाद शीतला अष्टमी, दशामाता स्थापना, नवरात्रि, तथा हिंदू नव वर्ष गुड़ी पड़वा का त्यौहार भी आगामी समय में आ रहे हैं मगर होली के सात दिनों की समाप्ति आज शीतला सप्तमी के पूजन जिसमें रात को बनाया गया ठंडा भोजन व्यंजन आदि की प्रसादी का भोग शीतला माता को लगाया गया सुबह लगभग 4 बजे से मंदिर जो कि कस्बे से 2 किलोमीटर दूर “वीराने” में स्थित है मैं श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो गया था तथा दोपहर तक लंबी कतार में अपनी बारी का इंतजार कर महिलाओं ने पूजा अर्चना की प्रजापत समाज की अधिष्ठाती माता शीतला देवी के मंदिर की साज सज्जा समाज जनों ने कराई तथा अन्य व्यवस्था भी संभाली आम्बुआ तथा समीप ग्राम बोरझाड़ के लगभग सभी सनातनी हिंदू परिवारों ने सुख समृद्धि तथा आरोग्यता बनाए रखने की प्रार्थना कर माता की पूजा अर्चना की। मंदिर तक जाने हेतु पैदल दो पहिया तथा चार पहिया साधनों से गए। पुलिस की माकूल व्यवस्था रही।

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