मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ आम्बुआ कस्बे में तथा आसपास के क्षेत्र में विगत दो-तीन दिनों से मौसम बदला हुआ है कभी तेज धूप गर्मी तो कभी आसमान पर बादलों की गड़गड़ाहट बिजली की कड़क तथा आंधी के बाद 2 दिनों से वर्षा हो रही है।बीती रात तेज वर्षा से नदी नालों में पानी बह निकला तो खेत भी सराबोर हो गए।खाद बीज तिरपाल तथा खेती के उपकरणों की दुकानों पर भीड़ लग रही है । अभी मानसून की कोई आहट नहीं थी केरल की ओर भी मानसून सक्रिय होने की सूचना नहीं मिल रही थी। इसके बावजूद आम्बुआ तथा आसपास के क्षेत्र में अचानक हुए मौसमी परिवर्तन के बीच 12-13 जून की रात तथा 14 जून की रात जमकर बारिश हुई रात लगभग 9 बजे से कभी तेज तो कभी हल्की रुक रुक कर वर्षा होती रही। इस वर्षा के कारण पानी खेतों में लबालब भर गया तो नदी नालों में भी पानी बह निकला सूखी पड़ी। हथनी नदी में भी पानी बहने लगा जिससे जंगली जानवरों को पीने के पानी की व्यवस्था हो गई । कृषकों जो की बारिश का इंतजार कर रहे थे 15 जून से खेती के कार्य में जुट गए।खेती उपकरण खाद बीज तथा तिरपाल आदि बेचने वालों की दुकानों पर जमकर भीड़ देखी गई। कोरोना काल में बढ़ती भीड़ वह भी बगैर किसी सुरक्षा के भविष्य के लिए चिंता पैदा जरूर करती है मगर इन सबसे बेखबर दुकानदार तथा ग्राहक जुटे हुए हैं 15 जून को दिन भर धूप छांव के कारण उमस बनी रहने से लोग गर्मी से बेहाल नजर आए कृषक अच्छी वर्षा की उम्मीद लगाए बैठे। Post navigation ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा है प्रधानमंत्री मोदी के दुसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष-वकीलसिंह ठकराला, प्रत्येक मतदान केंद्र के 100 परिवारों तक पहुंचाएंगे उपलब्ध्यिों भरा पत्रक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्र छात्राओं की स्क्रीनिंग कर ही दिया परीक्षा हॉल में प्रवेश