विपुल पंचाल, झाबुआ बाल सभा को पुनर्जीवित करते हुए संस्कार भारती झाबुआ इकाई का संस्कार शाला का निरन्तर क्रियान्वयन हो रहा है। इसी के तहत शनिवार को संस्कार भारती झाबुआ इकाई के द्वारा प्रति सप्ताह होने वाली संस्कार शाला का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर झाबुआ में पंडित गणेश उपाध्याय (साहित्य प्रमुख) के आतिथ्य व प्राचार्य कांतिलाल मंडलोई की अध्यक्षता में किया गया। संस्कार शाला में आचार्य द्वारा माता पिता की आज्ञा मानना व सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वाहन करना, बड़ो का आदर करने की शिक्षा पर प्रकाश डाला गया। प्राचार्य मंडलोई ने कहा कि शाला में जो भी संस्कार सिखाये जाते है विद्यार्थी उनका अनुसरण करें तभी स्वस्थ समाज की परिभाषा सम्पूर्ण होगी। वहीं सीमा चौहान द्वारा बच्चों को संस्कार भारती के लक्ष्यों को समझाया गया। सभी विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से कराग्रे वसते, श्लोक सिखाया गया जो सुबह उठने के बाद दोनों हाथ जोडक़र पश्चात चेहरे से मस्तिष्क पर धारण किया गया। समिति की शारदा कुमावत, नीता घुमरे, सीमा चौहान व अन्य सदस्यों की उपस्थिति में संस्कार शाला सम्पन्न हुई। संस्कार भारती की अध्यक्ष भारती सोनी ने बताया कि प्रति शनिवार को होती है। अब यदि कोई भी शाला आमंत्रण देती है तो इच्छुक शाला में संस्कार शाला का आयोजन हो सकता है। Post navigation प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में 26 ग्रामीण महिलाओं को गैस सिलेंडर किट वितरित अखिल भारतीय क्षत्रिय राठौर महासभा व जिला इकाई की महत्वपूर्ण बैठक में समाजजनों ने दिया एकता का परिचय