अलीराजपुर live के लिऐ ” फिरोज खान बबलू / जितेंद्र राज वाणी” की रिपोर्ट ।

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अलीराजपुर जिले मे उड़द की फसल को राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना मे शामिल कर लिऐ जाने के बाद अब पूरा जिला प्रशासन आगामी 30 सितंबर तक ऋणी किसानों को ढाई फीसदी प्रीमियम राशि एंव वांछित दस्तावेजों को जमा करवाने के अभियान मे जुट गया है । गौरतलब है कि उड़द के लिऐ ” एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया” को नोडल बीमा कंपनी चुना गया है ।

इन विभागों के लोग जुटे—-

आज ईद की छुट्टी के बावजूद भी कलेक्टर शेखर वर्मा अपने अमले के साथ इस महा अभियान मे जुटे रहे । राजस्व , कृषी ओर सहकारिता विभाग के अफसर इस महा अभियान मे जुटे हुऐ है । चूंकि गैर ऋणी किसानो की बीमा अवधि 15 सितंबर 2015 थी जो अलीराजपुर जिले को शामिल ( पारिभाषित ) करने के पहले ही गुजर चुकी है लेकिन ऋणी किसानो के लिऐ 30 सितंबर है लिहाजा इन 5 दिनो मे करीब 20 हजार ऋणी किसानो को इस  योजना का लाभ दिलवाने हेतु प्रीमियम जमा करवाने की योजना है । चूंकि इन किसानों का सहकारी संस्थाओ मे खाता है इसलिये दस्तावेज जुटाना ही चुनौती है ।

उड़द उत्पादक किसानो को कैसे मिलेगा फायदा इसे इस तरह से समझिए —

शेखर वर्मा - कलेक्टर अलीराजपुर
शेखर वर्मा – कलेक्टर अलीराजपुर

एमपी सरकार की अनुशंसा पर भारत सरकार ने एमपी के सिर्फ अलीराजपुर जिले को ही ” उड़द ” की फसल के लिए ” राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना ” मे शामिल किया है इसका लाभ यह होगा कि किसान को 33 %  फसल खराब होने पर 100% बीमा लाभ दिया जायेगा लेलेकिन नुकसानी का पैमाना अकेला उसका खेत नही होगा । यह भी देखा जायेगा कि जिस गाव का उड़द उत्पादन किसान है उस गांव – फलिऐ की उड़द फसलों को हुई नुकसानी का आंकलन भी किया जायेगा ।

जिले के कितने किसानों को होगा फायदा ?

राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अंतर्गत उड़द फसल शामिल होने का लाभ अब जिले के 1 लाख 10 हजार किसानों को अगले खरीफ सीजन से मिलने लगेगा । अभी समयावधि गुजरने के चलते 20 हजार ऋणी उड़द उत्पादक किसान ही इसका लाभ ले सकेंगे । लेकिन आगे चलकर सभी लाभांवित होंगें । कलेक्टर शेखर वर्मा के अनुसार जिले का 58 हजार हैक्टेयर कृषी भूमि पर खरीफ का उत्पादन होता है ।

इडली के लिए शानदार है ” अलीराजपुर ” की उड़द 

कृषी बाजार के जानकारों के अनुसार फसल बीमा मे शामिल होने के बाद अलीराजपुर के किसान उड़द उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होंगें । अलीराजपुर की अधिकांश उपज तो स्थानीय स्तर पर खपत हो जाती है लेकिन कुछ मात्रा मे यह दक्षिण भारत मे जाती है क्योंकि ” इडली” के लिऐ इसे स्वादिष्ट माना जाता है दाहोद के व्यापारी ” शुभम हरसोला” कहते है कि अधिकांश दक्षिणी भारत के अनाज व्यापारी अलीराजपुर की उड़द की मांग करते है ।

आम भी शामिल हुआ ” बीमा ” योजना में —

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उड़द के अलावा ” उद्यानिकी ” की प्रमुख फसल आम भी अब राष्ट्रीय उद्यानिकी बीमा योजना मे शामिल की गयी है गौरतलब है कि आम एक महत्वपूर्ण फसल है जो अलीराजपुर जिले मे प्रमुखता से होती है ओर ग्रामीण किसानो की आमदनी का एक जरिया है अभी तक आम की फसल बर्बाद होने पर कोई सहायता या बीमा आमद उत्पादकों को नही मिलता था मगर अब इसे बीमा कवर  दे दिया गया है  उड़द के साथ साथ आम को बीमा कवर मिलना जिले के कलेक्टर शेखर वर्मा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है ।

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