लोहित झामर, मेघनगर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई बहुप्रतीक्षित नल-जल योजना नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी नगरवासियों को अपेक्षित राहत नहीं दे सकी है। हर वर्ष बारिश का मौसम आते ही जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा जाती है और लोगों को पेयजल संकट, दूषित पानी तथा अनियमित सप्लाई जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष भी हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। पिछले चार से पांच दिनों से नगर के अधिकांश क्षेत्रों में नलों से पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बारिश के दौरान झायडा स्थित जल शोधन (ट्रीटमेंट) प्लांट में केमिकल मिश्रित एवं अत्यधिक गंदा पानी पहुंचने से जल शोधन प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। तकनीकी कारणों और पानी की गुणवत्ता खराब होने के चलते विभाग ने नगर की जलापूर्ति बंद कर दी। इसका सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ा है, जिन्हें पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों, हैंडपंपों और अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि 9 जून को कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने झायडा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बारिश के मौसम में किसी भी परिस्थिति में नगरवासियों की जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए तथा आवश्यक तकनीकी और वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। इसके बावजूद बारिश शुरू होते ही जलापूर्ति ठप हो जाना विभागीय तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। नगरवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से हर मानसून में यही स्थिति बनती है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई योजना का उद्देश्य नगर को वर्षभर स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन आज भी लोग मूलभूत सुविधा के लिए परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि योजना का रखरखाव, समय पर तकनीकी सुधार और वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष यही संकट दोहराया जाता है। नगर के कई क्षेत्रों में पानी नहीं मिलने से घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि छोटे व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को भी जल संकट के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। Post navigation मेघनगर में दर्दनाक सड़क हादसा: बस की टक्कर से दो युवकों की मौके पर ही मौत मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का भुगतान अटका, महीनों से भटक रहे व्यापारी