आलीराजपुर । कलेक्टर नीतू माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर माथुर ने जिले में संचालित आंगनबाड़ियों के संचालन की समीक्षा की। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर खुले और सहायिका द्वारा बच्चों को समय पर केंद्र पर लाया जाए। बच्चों को मेन्यू अनुसार पौष्टिक आहार मिलना सुनिश्चित किया जाए। अगर स्वयं सहायता समूह द्वारा तय मेन्यू अनुसार खाना नहीं दिया गया तो उनके वेतन में कटौती की जाएगी। साथ ही किसी भी अधिकारी कर्मचारी को भुगतान उनकी परफॉर्मेंस जांच के बाद ही करे।

कलेक्टर माथुर ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों का भ्रमण करें और यह जांचें कि एसएचजी द्वारा मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। जहां भी लापरवाही पाई जाए, वहां संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अच्छा पोषण बच्चों का अधिकार है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी प्रविष्टियां नियमित रूप से दर्ज की जाए जो कार्यकर्ता प्रविष्टियां दर्ज नहीं कर रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी कर उनका 2 दिवस का वेतन काटे जाने के निर्देश दिए ।  जिन कार्यकर्ताओं का वेतन तीन बार से अधिक कटा पाए जाने पर उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारी अपने मुख्यालय पर ही निवास करे । इस दौरान कार्य में प्रगति एवं लापरवाही बरतने पर कट्ठीवाड़ा सीडीपीओ का 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए साथ ही उन्हें चेतावनी देकर कहा कि आगामी दिनों में प्रगति न होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी । कलेक्टर माथुर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी योजनाएं सुचारू रूप से संचालित हों,इसके लिए सतत निगरानी की जाएगी। सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर नियमित रूप से आंगनबाड़ियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह , जिला कार्यक्रम अधिकारी मोनिका बघेल , सहा. संचालक अंजली चौधरी , सहित समस्त सीडीपीओ , सुपरवाइजर सहित संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थें।

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