लोहित झामर, मेघनगर जिले में 108 एवं जननी सुरक्षा वाहनों के संचालन में लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों एवं गंभीर लापरवाही को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, झाबुआ द्वारा जिला कॉर्डिनेटर को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि 9 दिसम्बर 2025 को प्राप्त एक गंभीर प्रकरण में ग्राम घोसलिया निवासी सीमा भूरिया को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने तत्काल 108 सेवा पर कॉल किया, किंतु लंबे इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में परिजनों ने पुलिस की सहायता ली। पुलिस टीम एक नर्स को साथ लेकर छोटे घोसलिया पहुंची एवं सड़क किनारे प्रसव सुरक्षित रूप से करवाया। इस प्रकार की घटना पूर्व में भी जिले में एक-दो बार हो चुकी है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि जिले में संचालित 108 एवं जननी वाहनों के संचालन को लेकर लगातार गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मुख्य रूप से पाया गया है कि आपातकालीन स्थिति में गम्भीर मरीजों को समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मरीजों के जीवन पर जोखिम बढ़ जाता है साथ ही सीएम हेल्पलाईन 181 पर भी लगातार शिकायतें बढ़ती जा रही है। जिले में लगातार वाहनों के मेंटेनेंस में कमी एवं लंबे समय तक मेंटेनेंस में रहने के कारण कई वाहन ऑफ रोड हो जाते हैं, जिससे सेवा की उपलब्धता प्रभावित होती है। इसके अलावा कॉल सेंटर द्वारा मरीजों एवं परिजनों को संतोषजनक जानकारी नहीं दी जाती और कई मामलों में 1 से 2 घंटे में वाहन भेजे जाने का आश्वासन देकर कॉल समाप्त कर दी जाती है, जबकि वाहन भेजा ही नहीं जाता। वाहन चालकों द्वारा अपनी निर्धारित लोकेशन पर उपस्थित न रहना तथा पीओएल (ईंधन) डलवाने हेतु 15–20 किलोमीटर दूर तक जाना भी सेवा में देरी के मुख्य कारणों में शामिल हैं। इन समस्त समस्याओं को बताते हुए सीएमएचओ द्वारा जिला कॉर्डिनेटर झाबुआ को निर्देशित किया गया है कि सभी त्रुटियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें तथा अपना स्पष्टीकरण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर उनके कार्यालय में अविलम्ब प्रस्तुत करें। अन्यथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। Post navigation झाबुआ पुलिस का सराहनीय कार्य…स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल, समय पर नहीं पहुंची 108 एम्बुलेंस मेघनगर क्षेत्र अंतर्गत वन भूमि से संयुक्त दल द्वारा अतिक्रमण हटाया गया