महिला आरक्षक रेखा खराड़ी ने लिखी गृह मंत्री, डीजीपी भोपाल को चिट्ठी

अशोक बलसोरा  ( संपादक ) – झाबुआ Live 

झाबुआ मे बीते 10 घंटे के दोरान पुलिस विभाग मे दो पुलिस कर्मीयों के बगावती तेवर अपनाने से हड़कंप मचा हुआ है । आज सुबह फैसबुक पर सबसे पहले झाबुआ डीआरपी लाइन मे अटैच ओर विगत 1 हफ्ते से गैर हाजिर चल रहे सब इंस्पेक्टर ” झीरमल सांपलिया ” की पोस्ट से पुलिस विभाग मे हडकंप मच गया जिसमें सांपलिया ने ” कितना सहे हम” केप्सन के साथ फेसबुक पोस्ट डाली जिसमें दो पन्नो की एक चिट्ठी थी जो मध्यप्रदेश पुलिस के डीजीपी को संबोधित कर लिखी गयी थी यह चिट्ठी विगत 1 जनवरी 2018 को लिखी गयी दर्शाई गयी है लेकिन फैसबुक पर इसे 18 जनवरी 2018 की रात 11 बजकर 35 मिनट पर पोस्ट की गयी जिसमें सब इंस्पेक्टर सापलिया ने झाबुआ एसपी महेशचंद्र जैन पर एक साल मे छह बार इधर से उधर तबादला करने ; गोपनीय चरित्रावली मे प्रतिकूल टिप्पणी लिखने ओर अनूसुचित जनजाति का होने के चलते उनसे भेदभाव किये जाने के आरोप लगाऐ गये साथ ही आवास आवंटन ना करने का आरोप भी है । सब इंस्पेक्टर सापलिया ने इस चिट्ठी मे लिखा कि इस प्रताडना से उन्हे आत्म हत्या करने की भावना पैदा हो रही है । सब इंस्पेक्टर झीरमल सापलिया की फैसबुक पोस्ट वायरल होने के कुछ घंटों बाद ही डीआरपी मे पदस्थ महिला आरक्षक रेखा खराडी तो खुलकर मीडिया के सामने आ गयी ओर उन्होंने भी एक चिट्ठी जारी की जो वरिष्ठ अधिकारियों को लिखी है इस चिट्ठी मे रेखा खराडी ने झाबुआ टीआई रमेशचन्द्र भास्करे पर झाबुआ कोतवाली पर विगत माह तक पद स्थापना के दोरान बार बार गैर हाजिरी डालने ; बच्चो के लिए खाना बनाने तक के लिए ना छोडने के गंभीर आरोप लगाऐ है । साथ ही रिटायर एसडीओपी एस आर परिहार पर चिट्ठी मे एक जगह दुराचार करने तो एक जगह अश्लील शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है इसी पत्र मे रेखा खराडी ने एसपी झाबुआ महेशचंद्र जैन पर यह आरोप लगाया है कि झाबुआ कोतवाली मे पद स्थापना के दोरान उनके साथ टीआई ओर एसडीओपी ने जो बर्ताव किया उसकी शिकायत जब वह एसपी से करने गयी तो एसपी ने उल्टा उन्हे ही डीआरपी लाइन अटैच कर दिया ओर यह बोला कि चाहे वह कहीं भी चली जायें । इन दोनों मामलों मे झाबुआ एसपी महेशचंद्र जैन ने यह कहते हुए अपनी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया कि वह अभी भोपाल आईपीएस समिट मे है इसलिए प्रतिक्रिया नही दे पायेंगे । वही झाबुआ टीआई रमेशचन्द्र भास्करे ने लेडी कांस्टेबल रेखा खराडी के आरोपों पर कहाँ कि यह तो डेढ महीने पहले कोतवाली से जा चुकी है ओर ड्यूटी संबंधी शिकायतें है तो हम क्या कर सकते है । वही झाबुआ के 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्ति हुऐ एसडीओपी एस आर परिहार ने लेडी कांस्टेबल रेखा खराडी के आरोपों को खारिज कर दिया है ।

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