इरशाद खान, बरझर बरझर मुुस्लिम समाज द्वारा माहे मोहर्रम पर ताजियों का जुलूस मंगलवार को निकला। वहीं हिंदू मुस्लिम के दोनों त्योहारों साथ-साथ होने पर कौमी एकता की मिसाल भी देखने को मिली। हिंदू समाज ने जहां गणेश स्थापना की थी वहीं पर मुस्लिम समाज ने ताजियों लेकर पहुंचे और नाते व तिलावते हुई तो दूसरी ओर गणेशोत्सव में आरती हुई। इस दौरान गणेश पंडाल में लगे लाउड स्पीकर समाज द्वारा बंद रखे गए जब ताजिये अखाड़े से नहीं उठे। वहीं राठौर समाज द्वारा प्रति वर्ष अनुसार नीम चोक मे अपने घर अंागन मे ताजियों को रखा। दोनो समाज के त्यौहार साथ साथ होने से राठौड़ समाज द्वारा जहां गणेश स्थापना की गई वहीं पर ताजियों को रखा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो दोनो त्योहार को हिन्दू मुस्लिम मिल कर मना रहे हो दोनो समाज मे ऐसी कौमी एकता व गंगा-जमुनी मिसाल कही ओर देखने को नही मिलती। समाज के लोग द्वारा शरबत सभी को पिलाया तथा ताजियों को रखा जहां गजानन बैठे थे। ) Post navigation आलकी की पालकी जय कन्हैया लाल जय घोष से गुंजा शहर प्रदेश सरकार की आठ माह की उपलब्धियो को लेकर जिला कांग्रेस ने ढोल-ताशे बजाकर, आतिशबाजी कर लोगो को मिठाईयां वितरित कर मनाया जश्न